तेजस्वी यादव बने राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बहन रोहिणी आचार्य का तीखा हमला नेतृत्व पर उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल में नेतृत्व परिवर्तन के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। 25 जनवरी को तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने सार्वजनिक रूप से तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर तेजस्वी के नेतृत्व और पार्टी की मौजूदा स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई है उन्होंने पार्टी को मजबूत करने के बजाय उसे बर्बादी की कगार पर खड़ा कर दिया है।
रोहिणी आचार्य ने अपने बयान में कहा कि पार्टी के संस्थापक लालू प्रसाद यादव और राजद के लिए दशकों तक संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं के योगदान को नजरअंदाज किया गया है। उनके अनुसार हालिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों के नतीजे ही यह दिखाने के लिए काफी हैं कि पार्टी किस दिशा में जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ चंद लोगों को सर्वेसर्वा बनाकर पार्टी की विचारधारा और लालूवाद को कमजोर किया गया है।
रोहिणी ने यह भी कहा कि यदि नैतिक साहस है तो नेतृत्व को खुले मंच पर सवालों का सामना करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पार्टी में की गई समीक्षा की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और जिन लोगों पर रिपोर्ट में सवाल उठे हैं उन पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई इसका जवाब दिया जाए। उनका कहना था कि आज पार्टी का हर सच्चा कार्यकर्ता और समर्थक यही पूछ रहा है कि जिन्हें सत्ता और निर्णय की ताकत दी गई उन्होंने पार्टी के लिए वास्तव में क्या किया।
इससे पहले भी रोहिणी आचार्य ने 25 जनवरी को बिना नाम लिए अपने भाई पर निशाना साधते हुए पार्टी की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताया था। उन्होंने कहा था कि जनता के हक हकूक की लड़ाई लड़ने वाली पार्टी की असली कमान अब उन लोगों के हाथों में चली गई है जो लालूवाद को कमजोर करने के उद्देश्य से आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति न केवल दुखद है बल्कि पार्टी के भविष्य के लिए भी गंभीर संकेत देती है।
गौरतलब है कि 1997 में पार्टी की स्थापना के बाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लंबे समय तक लालू प्रसाद यादव के पास था और अब पहली बार तेजस्वी यादव को आधिकारिक रूप से पार्टी की कमान सौंपी गई है। इस बदलाव के साथ ही परिवार के भीतर से आई यह तीखी प्रतिक्रिया राजद की आंतरिक राजनीति और आने वाले समय में संभावित चुनौतियों की ओर इशारा कर रही है।
