बिजली चोरी पर लगेगा लगाम, यूपीपीसीएल ने लॉन्च किया ‘बिजली मित्र’ पोर्टल
उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने एक अहम कदम उठाया है। अब आम नागरिक भी बिना अपनी पहचान उजागर किए बिजली चोरी की सूचना दे सकेंगे। इसके लिए विभाग ने ‘बिजली मित्र’ नाम से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा मिलेगा।
गुमनाम तरीके से कर सकेंगे शिकायत
यूपीपीसीएल द्वारा शुरू किए गए इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शिकायतकर्ता को अपनी पहचान बताने की आवश्यकता नहीं होगी। कोई भी नागरिक वेबसाइट पर जाकर ‘बिजली मित्र’ लिंक के माध्यम से आसानी से बिजली चोरी की सूचना दर्ज कर सकता है।
इस सुविधा से उन लोगों को राहत मिलेगी जो पहले शिकायत करने से हिचकिचाते थे। अब वे बिना किसी डर के चोरी की जानकारी विभाग तक पहुंचा सकते हैं।
पोर्टल पर देनी होगी यह जानकारी
पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते समय कुछ जरूरी जानकारियां भरनी होंगी। इनमें चोरी हो रही जगह का पूरा पता देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि संबंधित व्यक्ति का नाम या क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध हो तो उसे भी दर्ज किया जा सकता है।
सबसे अहम बात यह है कि पोर्टल पर फोटो और वीडियो अपलोड करने की सुविधा भी दी गई है, जिससे शिकायत की पुष्टि करने में विभाग को आसानी होगी और कार्रवाई तेज हो सकेगी।
बिजली चोरी रोकने में मिलेगी मदद
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के अनुसार, यह पहल बिजली चोरी पर अंकुश लगाने में बेहद कारगर साबित होगी। विभाग पहले से ही हाई लाइन लॉस वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चला रहा है, लेकिन अब आम जनता की भागीदारी से इस अभियान को और मजबूती मिलेगी।
हाल के दिनों में वाराणसी समेत प्रदेश के कई जिलों में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। मीटर से छेड़छाड़, अवैध कनेक्शन और हुकिंग जैसे मामलों में जुर्माना भी लगाया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है असर
अधिकारियों का कहना है कि बिजली चोरी का सीधा असर ईमानदार उपभोक्ताओं पर पड़ता है। चोरी के कारण लाइन लॉस बढ़ता है, जिससे बिजली की दरें महंगी हो जाती हैं और कई क्षेत्रों में लोडशेडिंग की समस्या भी बढ़ती है।
इससे न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। इसलिए इसे रोकना जरूरी है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
यूपीपीसीएल ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपने आसपास हो रही बिजली चोरी की सूचना दें। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि यदि जनता सक्रिय रूप से इसमें भागीदारी करेगी, तो बिजली चोरी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
स्मार्ट और पारदर्शी व्यवस्था की ओर कदम
‘बिजली मित्र’ पोर्टल सिर्फ एक तकनीकी पहल नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकेगा, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
अब यह नागरिकों पर भी निर्भर करता है कि वे इस सुविधा का उपयोग कर अपने क्षेत्र को बिजली चोरी मुक्त बनाने में कितना योगदान देते हैं। एक छोटी सी सूचना पूरे इलाके की बिजली व्यवस्था को बेहतर बना सकती है।
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