उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में खेल सुविधाओं को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के 17 जिलों के 21 राजकीय इंटर कॉलेजों में अब आधुनिक इंडोर मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सरकार ने 49 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। प्रत्येक मिनी स्टेडियम के निर्माण पर लगभग 4.92 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जबकि प्रथम किस्त के रूप में प्रति स्टेडियम 2.16 करोड़ रुपये जारी कर दिए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना और छात्रों को गुणवत्तापूर्ण खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा गठित मूल्यांकन समिति ने कुल 19 जिलों के 23 कॉलेजों के प्रस्तावों की जांच की थी। इनमें से उन्नाव और गाजीपुर के प्रस्ताव भूमि संबंधी कारणों से निरस्त कर दिए गए, जबकि शेष 17 जिलों के 21 कॉलेजों के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कॉलेजों में बनने वाले इंडोर मिनी स्टेडियम छात्रों को बैडमिंटन, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, जिम्नास्टिक, बॉक्सिंग और इनडोर एथलेटिक्स जैसी खेल सुविधाएं प्रदान करेंगे।
सरकार ने विभिन्न जिलों में इन स्टेडियमों के निर्माण की जिम्मेदारी अलग-अलग कार्यदायी संस्थाओं को सौंपी है ताकि काम की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों सुनिश्चित की जा सकें। झांसी के राजकीय इंटर कॉलेज में पहले से ही स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एक मिनी इंडोर स्टेडियम तैयार किया जा रहा है, जिसमें बैडमिंटन, वॉलीबॉल, फुटबॉल, हॉकी और क्रिकेट जैसे खेलों की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन स्टेडियमों का निर्माण कानपुर नगर, मथुरा, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, संभल, हरदोई, बदायूं, अयोध्या, प्रतापगढ़, भदोही, वाराणसी, आगरा और पीलीभीत के एक-एक राजकीय इंटर कॉलेज में किया जाएगा। इसके अलावा अंबेडकरनगर और गोंडा में दो-दो तथा बुलंदशहर में तीन कॉलेजों में इंडोर मिनी स्टेडियम बनाए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, इस परियोजना से न केवल विद्यालयों में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण और प्रतियोगी माहौल भी मिलेगा। इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को नई ऊंचाई मिलेगी और छात्र राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।
योगी आदित्यनाथ सरकार पहले भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में खेल बुनियादी ढांचे को विकसित करने की दिशा में कई योजनाएं शुरू कर चुकी है। अब यह नया कदम उन योजनाओं को और मजबूती देने का कार्य करेगा। सरकार का मानना है कि शिक्षा के साथ-साथ खेल भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए जरूरी हैं और यह मिनी इंडोर स्टेडियम उसी सोच का हिस्सा हैं।
राज्य में प्रस्तावित इनडोर स्टेडियमों का निर्माण केवल खेल सुविधाएं बढ़ाने का कदम नहीं है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर छात्र को अपने जिले में ही प्रशिक्षण और संसाधनों की सुविधा मिले ताकि खेलों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके।
यूपी सरकार का खेल सुविधाओं पर जोर, 21 राजकीय इंटर कॉलेजों में बनेंगे मिनी स्टेडियम

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के 17 जिलों के 21 राजकीय इंटर कॉलेजों में ₹49 करोड़ की लागत से आधुनिक इंडोर मिनी स्टेडियम निर्माण को मंजूरी दी है।
Category: uttar pradesh sports infrastructure education
LATEST NEWS
-
आईआईटी बीएचयू ने स्टार्टअप सीड फंड समारोह में आठ स्टार्टअप्स को करोड़ों की फंडिंग दी
आईआईटी बीएचयू ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आठ स्टार्टअप्स को एक करोड़ अस्सी लाख से अधिक की सीड फंडिंग प्रदान की है।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 01:27 PM
-
केंद्रीय बजट से पहले घाटे का बजट चर्चा में, जानें इसके नफा-नुकसान
एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होगा, जिसके साथ घाटे के बजट की चर्चा तेज है; यह हमेशा नकारात्मक नहीं होता।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 01:18 PM
-
वाराणसी से बैंकाक की सीधी विमान सेवा 1 फरवरी से होगी शुरू, एयर इंडिया एक्सप्रेस संभालेगी कमान
वाराणसी से बैंकाक की सीधी विमान सेवा 1 फरवरी से शुरू होगी, एयर इंडिया एक्सप्रेस मात्र 8 हजार में पहुंचाएगी गंतव्य।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 12:42 PM
-
वाराणसी: दालमंडी में बुलडोजर चला, व्यापारियों में भय और अनिश्चितता का माहौल
वाराणसी की दालमंडी में बुलडोजर कार्रवाई से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में भय, आजीविका पर गहरा संकट मंडराया है।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 12:28 PM
-
कुमार सानू ने प्रेमानंद महाराज से लिया आशीर्वाद, संत ने बताए पूर्वजन्म के पुण्य कर्मों का फल
प्रसिद्ध गायक कुमार सानू ने संत प्रेमानंद से आशीर्वाद लिया, संत ने कहा यह ख्याति पूर्व जन्मों के पुण्य कर्मों का फल है।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 12:10 PM