वाराणसी में “अपना घर आश्रम” की नई पहल-PNG आधारित कुकिंग सिस्टम शुरू, रोजाना 1400 जरूरतमंदों को मिलेगा सुरक्षित भोजन
वाराणसी: मानव सेवा की मिसाल बने “अपना घर आश्रम” ने एक बार फिर दूरदर्शिता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने भोजन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ दिया है। रविवार को आश्रम परिसर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) आधारित कुकिंग सिस्टम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस नई व्यवस्था ने न केवल आश्रम के संचालन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया है, बल्कि यहां चल रहे सेवा कार्य को भी नई मजबूती प्रदान की है।
इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन गेल (गैस प्राधिकरण) के कार्यकारी निदेशक एच.के. गर्ग और महाप्रबंधक सुशील कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर आश्रम परिवार, स्थानीय गणमान्य नागरिकों और सहयोगियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गरिमामय बना दिया।
एलपीजी आपूर्ति की आशंका से लिया गया बड़ा निर्णय
दरअसल, हाल के समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। आश्रम में प्रतिदिन सैकड़ों जरूरतमंदों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, ऐसे में गैस आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा सेवा कार्य को प्रभावित कर सकती थी। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आश्रम प्रबंधन ने तत्काल बैठक कर स्थायी और भरोसेमंद विकल्प तलाशने का निर्णय लिया।
प्रशासन और गेल के सहयोग से संभव हुआ काम
समस्या को जिलाधिकारी के समक्ष रखा गया, जिस पर प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत कार्रवाई की। गेल अधिकारियों को आश्रम तक PNG गैस लाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके बाद गेल की टीम ने तेजी से काम करते हुए महज 20 दिनों के भीतर आश्रम परिसर तक पाइपलाइन बिछाकर यह कार्य पूरा कर दिया। यह उपलब्धि तकनीकी दक्षता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
अब रोजाना 1400 लोगों के लिए बनेगा भोजन
नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब आश्रम में प्रतिदिन करीब 1400 जरूरतमंदों के लिए भोजन PNG गैस के माध्यम से तैयार किया जा रहा है। इससे खाना बनाने की प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित हो गई है। साथ ही, यह प्रणाली आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होगी, जिससे आश्रम अपने संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर सकेगा।
सेवा कार्य को मिली नई मजबूती
“अपना घर आश्रम” लंबे समय से समाज के उपेक्षित, असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए सहारा बना हुआ है। यहां लोगों को न केवल भोजन और आवास मिलता है, बल्कि उन्हें सम्मान के साथ जीने का अवसर भी दिया जाता है। ऐसे में PNG जैसी आधुनिक सुविधा का जुड़ना आश्रम के सेवा मिशन को और अधिक सशक्त बनाता है।
प्रेरणादायक पहल बना मॉडल
यह पहल केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनाओं का सशक्त उदाहरण भी है। प्रशासन, गेल और आश्रम प्रबंधन के समन्वित प्रयास ने यह साबित कर दिया कि यदि उद्देश्य सेवा का हो, तो हर चुनौती का समाधान संभव है।
“अपना घर आश्रम” की यह पहल भविष्य में अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए भी प्रेरणास्रोत साबित हो सकती है, जहां सेवा, संवेदना और आधुनिकता का संतुलन समाज को एक बेहतर दिशा देता है।
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