वाराणसी कमिश्नरेट के काशी जोन अंतर्गत थाना चितईपुर पुलिस ने दहेज प्रथा से जुड़े एक गंभीर मामले में वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।
पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन एवं अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण में सहायक पुलिस आयुक्त भेलूपुर तथा प्रभारी निरीक्षक थाना चितईपुर के कुशल नेतृत्व में थाना चितईपुर पुलिस टीम ने दिनांक 03 फरवरी 2026 को यह कार्रवाई की। थाना चितईपुर पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 21/2026, धारा 69, 316(2) बीएनएस एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित वांछित अभियुक्त की लंबे समय से तलाश की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर टीम ने दबिश देते हुए अभियुक्त अंकित कुमार उर्फ अंकित जायसवाल, पुत्र मनोज कुमार, निवासी पीएसी कॉलोनी मकान नंबर 313 थाना रामनगर वाराणसी को रविदास पार्क के पास से गिरफ्तार किया। अभियुक्त की उम्र करीब 24 वर्ष बताई गई है। अभियुक्त का स्थायी पता हाउस नंबर 804, बसंत कुंज मार्ग, महिपालपुर, दक्षिण पश्चिम दिल्ली बताया गया है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा अभियुक्त के पिता को दूरभाष के माध्यम से गिरफ्तारी की सूचना दी गई। अभियुक्त को सुरक्षित रूप से थाना चितईपुर लाया गया, जहां आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण करने के उपरांत उसे माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह मामला दहेज उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है, जो समाज में एक गंभीर सामाजिक अपराध के रूप में देखा जाता है। ऐसे मामलों में पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा के खिलाफ कानून सख्त है और इसका उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम, महिला उप निरीक्षक ममता सक्सेना, उप निरीक्षक रवि चौहान और कांस्टेबल कमल किशोर शामिल रहे। पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक वांछित अभियुक्त को समय रहते गिरफ्तार किया जा सका।
काशी जोन पुलिस ने आमजन से अपील की है कि दहेज उत्पीड़न या घरेलू हिंसा से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना निर्भीक होकर पुलिस को दें। पीड़ितों की पहचान और शिकायत को गोपनीय रखा जाता है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
