वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने कफ सीरप तस्करी के एक बड़े नेटवर्क के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए तस्करी गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल के परिवार की 30 करोड़ 52 लाख रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई रोहनिया क्षेत्र में एक जिम के तहखाने से 500 से अधिक पेटी कफ सीरप की बरामदगी के बाद की गई है। पुलिस ने यह कदम एनडीपीएस एक्ट की विशेष धारा 68 एफ के तहत उठाया है। शनिवार के बाद रविवार को भी पुलिस टीम दोबारा मौके पर पहुंची और जब्त संपत्तियों पर जब्तीकरण का बोर्ड और सूचना चस्पा की गई। इस कार्रवाई से नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसने का पुलिस का इरादा साफ नजर आता है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि रोहनिया इंस्पेक्टर राजू सिंह द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की गई है। कानून के तहत विवेचक को नशे के कारोबार से कमाई गई संपत्ति को जब्त करने का अधिकार होता है और इसी अधिकार के अंतर्गत संपत्तियों पर पुलिस बोर्ड लगाया गया है। जब्त की गई संपत्तियों में वाराणसी के विभिन्न इलाकों में स्थित तीन कृषि भूमि दो आवासीय परती भूमि और तीन आवासीय भवन व फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल मां शारदा जायसवाल बहन प्रगति जायसवाल और परिवार की सदस्य वैशाली पुर्सवानी के नाम दर्ज हैं। इसके साथ ही इंडियन बैंक के तीन चालू खातों में जमा लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपये की राशि भी फ्रीज कर दी गई है।
इससे पहले सोनभद्र पुलिस ने भी शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल की वाराणसी में स्थित 28 करोड़ 50 लाख रुपये की तीन संपत्तियों को कुर्क किया था। इन मकानों पर ताले लटकाते हुए मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया था। अब भोला प्रसाद को तस्कर एवं विदेशी मुद्रा छल साधक संपत्ति संपहरण अधिनियम 1976 और एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत नई दिल्ली स्थित लोकनायक भवन में 30 दिनों के भीतर अपील दाखिल कर यह साबित करना होगा कि जब्त संपत्तियां नशे के कारोबार से अर्जित नहीं की गई हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न देने की स्थिति में संपत्तियों की अंतिम कुर्की तय मानी जाएगी।
यह पूरा मामला 19 नवंबर को सामने आया था जब लखनऊ एएनटीएफ टीम के प्रभारी निरीक्षक दर्शन यादव ने रोहनिया के भदवर गांव स्थित दो मंजिला मकान में चल रहे जिम पर छापेमारी की थी। इस दौरान जिम के तहखाने से 500 से अधिक पेटी कफ सीरप बरामद की गई थी। मौके से वाराणसी निवासी आजाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया था। प्रारंभिक मुकदमे में शुभम जायसवाल आजाद जायसवाल और जिम संचालक तथा ग्राम प्रधान पति महेश कुमार सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान भोला प्रसाद जायसवाल गाजियाबाद निवासी सौरभ त्यागी शिवानंद उर्फ शिवा स्वप्निल दिनेश सहित अन्य लोगों के नाम भी सामने आए। शुभम जायसवाल को छोड़कर सभी आरोपित वर्तमान में जेल में हैं। पुलिस जांच में कफ सीरप निर्माता कंपनी एबाट की रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि पूरे नेटवर्क में भोला प्रसाद सहित कुल नौ लोग शामिल थे। यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
