वाराणसी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, परिसर खाली, गहन जांच जारी

By
Dilip Kumar
Dilip Kumar is the Associate Editor at News Report, a registered Hindi newspaper committed to ethical, factual, and responsible journalism. He plays a key role in...
4 Min Read
वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने पूरे परिसर को खाली करा लिया है। मौके पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तैनात है।

वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी, कोर्ट खाली कराया गया

वाराणसी में शुक्रवार को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। यह धमकी सरकारी ईमेल आईडी पर प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया और कुछ ही देर में 200 से अधिक पुलिसकर्मी न्यायालय परिसर पहुंच गए। एहतियात के तौर पर पूरे कोर्ट परिसर को खाली करा लिया गया। जिला जज भी सुरक्षा कारणों से परिसर से बाहर आ गए। अदालतों की कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है और हर कोने की गहन जांच की जा रही है।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड तैनात

घटना की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी पुलिस ने बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया। कोर्ट परिसर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट की सघन जांच की गई। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उस समय न्यायालय में लगभग तीन हजार से अधिक अधिवक्ता और करीब पांच हजार वादकारी मौजूद थे। सभी को व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाला गया।

डीसीपी प्रमोद कुमार का बयान

डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और अदालतों की कार्यवाही को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। पुलिस की साइबर टीम ईमेल की तकनीकी जांच में जुटी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ईमेल किस स्थान से और किस व्यक्ति द्वारा भेजा गया। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की अपील की है।

पुरानी घटनाओं के कारण सतर्क प्रशासन

वाराणसी में पूर्व में हुए बम विस्फोटों को देखते हुए इस धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। 7 मार्च 2006 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट में कचहरी और कलेक्ट्रेट परिसर भी निशाने पर रहे थे। इसके अलावा 1 अक्टूबर 2022 को ज्ञानवापी प्रकरण के फैसले के बाद भी कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इन घटनाओं के मद्देनजर प्रशासन किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं करना चाहता।

सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, तलाशी अभियान जारी

डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पूरी पुलिस फोर्स ने सुरक्षा के मद्देनजर कचहरी परिसर को खाली कराने की अपील की। अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मचारियों और वादकारियों ने एहतियात के तौर पर परिसर छोड़ दिया। जिन मुकदमों की सुनवाई निर्धारित थी, उनमें सामान्य तिथि घोषित की गई है। कोर्ट परिसर की तमाम चौकियां खाली करा ली गई हैं और तलाशी अभियान जारी है।

पूर्व बार अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

पूर्व बार अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने बताया कि जनपद न्यायाधीश को ईमेल के माध्यम से कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही न्यायाधीश ने पुलिस प्रशासन को अवगत कराया, जिसके बाद तत्काल परिसर खाली कराने का आदेश जारी किया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007 में भी बम धमाके की घटना हो चुकी है, इसलिए इस तरह की धमकी को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन एहतियाती जांच और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह जारी है। प्रशासन का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।