वाराणसी कमिश्नरेट के वरुणा जोन में अपराधों के प्रभावी निस्तारण के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक अहम फैसला सामने आया है। थाना चौबेपुर में वर्ष 2015 में दर्ज दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने दोष सिद्ध पाते हुए अभियुक्त को कड़ी सजा सुनाई है। यह निर्णय पुलिस की सशक्त पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की सतत निगरानी का प्रत्यक्ष परिणाम माना जा रहा है।
थाना चौबेपुर में पंजीकृत मुकदमा संख्या 0036/2015 में अभियुक्त राजू पुत्र धनपाल राम निवासी ग्राम उकथी थाना चौबेपुर के विरुद्ध धारा 366, 376 और 506 भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। सोमवार 09 फरवरी 2026 को माननीय ASJ/FTC 02 वाराणसी ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त को विभिन्न धाराओं में अलग अलग सजाएं सुनाईं।
न्यायालय के आदेश के अनुसार अभियुक्त को धारा 376 भादवि के अंतर्गत 07 वर्ष के साधारण कारावास और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई। वहीं धारा 366 भादवि के तहत 05 वर्ष के साधारण कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त धारा 506 भादवि के अंतर्गत 01 वर्ष के साधारण कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी।
अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में अभियुक्त को कुल चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसमें धारा 376 के अंतर्गत दो माह तथा धारा 366/506 के अंतर्गत एक एक माह का अतिरिक्त कारावास शामिल है। साथ ही अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित करने का भी आदेश दिया गया है।
न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि वसूले गए अर्थदंड की 50 प्रतिशत राशि अपील की अवधि समाप्त होने के बाद अथवा अपील की स्थिति में उच्च न्यायालय के आदेशानुसार पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाए। पुलिस अधिकारियों ने इस फैसले को महिलाओं के प्रति अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश बताया है और कहा है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के माध्यम से ऐसे मामलों में दोषियों को समयबद्ध सजा दिलाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
