वाराणसी: दालमंडी क्षेत्र में चल रहे व्यापक ध्वस्तीकरण अभियान के बीच प्रशासन ने मीडिया के प्रवेश पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि मीडियाकर्मी ध्वस्तीकरण स्थल के भीतर प्रवेश न करें और प्रशासन द्वारा तय किए गए दिशा निर्देशों का पालन करें। इस कदम को मौजूदा हालात को देखते हुए जरूरी बताया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार दालमंडी क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और वहां की अत्यंत सकरी गलियां इस प्रतिबंध का प्रमुख कारण हैं। भारी मशीनों की आवाजाही और लगातार गिराए जा रहे भवनों के मलबे के कारण क्षेत्र में खतरा बना हुआ है। बीते दिन इलाके में हुई आगजनी की घटना ने प्रशासन की चिंता को और बढ़ा दिया है। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में पुलिस और प्रशासनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक कड़ा किया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की भीड़ या अनावश्यक आवाजाही दुर्घटना को न्योता दे सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मीडिया समेत आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे ध्वस्तीकरण स्थल से दूरी बनाए रखें और प्रशासन के सहयोग में भूमिका निभाएं। प्रशासन का मानना है कि मीडिया की मौजूदगी से जहां एक ओर भीड़ बढ़ सकती है वहीं दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था में बाधा उत्पन्न होने की आशंका भी रहती है।
प्रशासन के अनुसार दालमंडी इलाके में इस समय एक साथ 34 भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित योजना के तहत की जा रही है और इसमें सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ध्वस्तीकरण कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है ताकि आसपास के इलाकों को कम से कम नुकसान पहुंचे और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मीडिया पर लगाया गया प्रतिबंध स्थायी नहीं है। परिस्थितियां सामान्य होने और ध्वस्तीकरण कार्य सुरक्षित चरण में पहुंचने के बाद मीडिया को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने सभी से संयम और सहयोग बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि कानून व्यवस्था और जन सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
