गणतंत्र दिवस के बाद दालमंडी में फिर शुरू हुआ ध्वस्तीकरण अभियान सुरक्षा के बीच चली कार्रवाई
गणतंत्र दिवस के बाद मंगलवार को वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में प्रशासन ने एक बार फिर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। दोपहर के समय मस्जिद करीमुल्ला बेग से चौक थाने तक सटी दीवारों पर बुलडोजर और हथौड़ों से कार्रवाई की गई। प्रशासनिक टीम ने तेज गति से दीवारों को हटाने का काम शुरू किया जिससे पूरे इलाके में हलचल का माहौल बना रहा। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सड़क चौड़ीकरण करना और दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है।
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि ध्वस्तीकरण का कार्य निर्धारित योजना के तहत किया जा रहा है और इसे जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है ताकि आगे सड़क निर्माण का काम शुरू किया जा सके। दालमंडी जैसे घनी आबादी वाले इलाके में लंबे समय से जाम और अव्यवस्थित यातायात की समस्या बनी हुई थी जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार अवैध और बाधक निर्माण हटने के बाद क्षेत्र में आवागमन काफी आसान हो जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। दालमंडी की संकरी गलियों में पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है और पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं। सुरक्षा कारणों से आसपास की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया है जिससे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।
इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की प्रतिक्रिया मिली जुली देखने को मिल रही है। कुछ लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण और अव्यवस्था हटाने से इलाके का विकास होगा और यातायात की समस्या से राहत मिलेगी। वहीं कुछ व्यापारी और निवासी इसे अपनी रोजी रोटी पर असर डालने वाला कदम मान रहे हैं और भविष्य को लेकर चिंता जता रहे हैं।
प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में व्यवस्था और सुरक्षा को बेहतर बनाना है। दालमंडी में चल रहा यह ध्वस्तीकरण अभियान फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसके बाद होने वाले बदलावों को लेकर नजर बनाए हुए हैं।
