वाराणसी जिला जज को धमकी : शुक्रवार को 18 बम धमाकों की चेतावनी

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस बल और बम निरोधक दस्ता जांच में जुटा है।

वाराणसी में जिला जज को धमकी भरा ईमेल, शुक्रवार को 18 बम धमाकों की चेतावनी

अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी में जिला एवं सत्र न्यायालय की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। गुरुवार देर रात जिला जज के आधिकारिक ईमेल पते पर एक धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें  शुक्रवार को 18 बम धमाकों के जरिए जजों और वकीलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल मिलते ही न्यायालय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

रात 1.10 बजे आया ईमेल, पुलिस ने शुरू की जांच

जानकारी के अनुसार, जिला जज संजीव शुक्ला के विभागीय ईमेल आईडी पर गुरुवार रात करीब 1.10 बजे यह संदेश प्राप्त हुआ। ईमेल भेजने वाले ने अपना नाम सन्निया दसन बताया है। संदेश में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख किया गया है कि पवित्र शुक्रवार को दोपहर 12 बजे 18 स्थानों पर बम विस्फोट किए जाएंगे।

धमकी की गंभीरता को देखते हुए जिला जज ने तत्काल पुलिस प्रशासन को अवगत कराया। डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार भारी पुलिस बल, श्वान दस्ते और बम निरोधक दस्ते के साथ कचहरी परिसर पहुंचे। न्यायालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। प्रवेश और निकास मार्गों की जांच के साथ सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है।

ईमेल में लगाए गए गंभीर आरोप

धमकी भरे ईमेल में केवल बम विस्फोट की बात ही नहीं कही गई, बल्कि पत्रकारों और छात्राओं से संबंधित गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। ईमेल में दावा किया गया है कि वर्ष 2021 में तमिलनाडु की डीएमके सरकार मीडिया को प्रभावित करने की योजना पर काम कर रही थी। संदेश में यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को प्रभावित करने के लिए एजेंसियों और बिचौलियों का सहारा लिया गया।

ईमेल में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख भी किए जाने की बात सामने आई है। इसमें यह आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों को धन के माध्यम से प्रभावित करने और विरोध करने वालों के लिए अवैध तरीके अपनाने का प्रयास किया गया। साथ ही नाबालिग लड़कियों के संदर्भ में भी गंभीर दावे किए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इन्हें भी जांच के दायरे में लेकर तकनीकी विश्लेषण कर रही है।

साइबर जांच पर फोकस

पुलिस की साइबर टीम ईमेल की उत्पत्ति का पता लगाने में जुटी है। आईपी एड्रेस, सर्वर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि संदेश किस स्थान से भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि ईमेल में लगाए गए आरोपों की सत्यता की भी जांच की जाएगी, लेकिन प्राथमिकता सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

न्यायालय परिसर में सुरक्षा बढ़ी

घटना के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला जज संजीव शुक्ला ने मामले को गंभीर बताते हुए त्वरित और व्यापक जांच के निर्देश दिए हैं।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करने की अपील की है। जांच पूरी होने तक सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और हर संभावित खतरे का आकलन किया जा रहा है।