वाराणसी: दारोगा विनय कुमार की तत्परता से दो घंटे में मासूम लौटी अपनों के पास

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दारोगा विनय कुमार और टीम ने दो घंटे में बच्ची को सुरक्षित खोज निकाला

वाराणसी: कमिश्नरेट पुलिस की स्मार्ट पुलिसिंग का एक और सराहनीय उदाहरण सामने आया है। भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खोजवा पुलिस चौकी पर तैनात दारोगा विनय कुमार ने अपनी तत्परता, मानवीय संवेदना और कुशल पुलिसिंग का परिचय देते हुए मात्र दो घंटे के भीतर खोई हुई बच्ची को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस कार्य की क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खोजवा क्षेत्र से एक मासूम बच्ची, जिसका नाम परी कसेरा है, अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के गायब होने से परिवार में हड़कंप मच गया और परिजन घबराहट की स्थिति में खोजवा पुलिस चौकी पहुंचे। सूचना मिलते ही उ0नि0 विनय कुमार ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के तत्काल खोज अभियान शुरू कराया।

दारोगा विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में सक्रियता से खोजबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और संभावित स्थानों पर सघन तलाशी के जरिए टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। पुलिस की सूझबूझ और समन्वय का ही परिणाम रहा कि महज दो घंटे के भीतर बच्ची परी कसेरा को सुरक्षित खोज लिया गया।

बच्ची के मिलते ही उसे सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया गया। अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर परिवार की आंखों में खुशी और राहत साफ दिखाई दी। परिजनों ने भावुक होकर भेलूपुर थाना, खोजवा पुलिस चौकी तथा विशेष रूप से दारोगा विनय कुमार और उनकी पूरी टीम का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वाराणसी पुलिस ने जिस तेजी और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की, वह काबिले-तारीफ है।

यह घटना वाराणसी पुलिस की स्मार्ट और जिम्मेदार कार्यशैली को दर्शाती है, जहां कानून व्यवस्था के साथ-साथ आम नागरिकों की सुरक्षा और भावनाओं को भी प्राथमिकता दी जाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे कार्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करते हैं।

वाराणसी पुलिस का यह प्रयास न केवल एक परिवार के लिए राहत लेकर आया, बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि संकट की घड़ी में पुलिस पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ नागरिकों के साथ खड़ी है।