वाराणसी के प्रॉपर्टी डीलर से 16.62 करोड़ की ठगी, गोवा में दूसरे की जमीन दिखाकर कराई फर्जी रजिस्ट्री
वाराणसी के एक प्रॉपर्टी डीलर को गोवा में जमीन बिक्री का झांसा देकर शहर और गोवा के जालसाजों ने मिलकर 16 करोड़ 62 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने दूसरे की जमीन को अपना बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और रजिस्ट्री भी करा दी। जब पीड़ित जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा तो असलियत सामने आई और पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। भेलूपुर पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गोवा से गिरफ्तार किया और रविवार को उन्हें वाराणसी लाकर जेल भेज दिया।
कौन है पीड़ित और कैसे हुई शुरुआत
वाराणसी के दुर्गाकुंड निवासी प्रॉपर्टी डीलर अनुराग कुशवाहा ने भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। उन्होंने बताया कि वह लखनऊ के गोमती नगर निवासी अरुण कुमार गुप्ता और दिल्ली के द्वारिका निवासी गंगा प्रसाद कुशवाहा के साथ मिलकर कंस्ट्रक्शन और जमीन के कारोबार से जुड़े हैं। कुछ समय पहले अमित कुमार सिन्हा नामक व्यक्ति ने फोन के जरिए संपर्क किया और बताया कि गोवा में विटोरिया जोस वेल्हो नामक एक व्यक्ति की जमीन बिकाऊ है। उसने यह भी बताया कि विटोरिया कनाडा में व्यापार करता है और कारोबार में नुकसान के चलते वह अपनी जमीन बेचना चाहता है।
तेलियाबाग में हुई मुलाकात फिर गोवा में हुई डील
फोन पर बातचीत के बाद वाराणसी के तेलियाबाग स्थित एक कार्यालय में मुलाकात हुई। जमीन से जुड़ी तमाम बातें और शर्तें तय करने के बाद गोवा के एक होटल में जाकर खरीद से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की गईं। आरोपियों ने जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और रजिस्ट्री भी करा दी। पीड़ित अनुराग कुशवाहा ने पूरी रकम चुका दी और जमीन पर कब्जा लेने के लिए गोवा पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचते ही एक महिला ने उस जमीन पर अपना दावा ठोक दिया और बताया कि वह जमीन उसकी है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने दूसरे की जमीन दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए थे।
पैसे मांगे तो जान से मारने की मिली धमकी
जब ठगी की बात साफ हो गई तो अनुराग कुशवाहा ने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी। इस पर आरोपियों ने पैसे लौटाने की बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। पीड़ित ने इसके बाद भेलूपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया और पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीन अभी भी फरार
भेलूपुर थाना प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस ने गोवा में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें उत्तरी गोवा के परवरिम थाना क्षेत्र स्थित बीबी बोरकर रोड निवासी प्रजय प्रसन्ना शिरोडकर और कामत रॉयल करंजलिम निवासी अमित कुमार सिन्हा शामिल हैं। अमित कुमार सिन्हा मूल रूप से देहरादून के पटेल नगर स्थित उदय विहार पीपीसीएल कॉलोनी का निवासी है। दोनों आरोपियों को गोवा से वाराणसी लाया गया और रविवार को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया। वहीं मामले में गोवा निवासी विटोरिया जोस वेल्हो, डॉ. अमित कुमार सिंह और सीए प्रमोद पटेल अभी तक फरार हैं और पुलिस इनकी सक्रिय तलाश कर रही है।
फर्जी दस्तावेज और रजिस्ट्री से रची गई थी साजिश
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि इस पूरी ठगी को बेहद सोचे समझे तरीके से अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने पहले पीड़ित का विश्वास जीता, फिर दूसरे की जमीन को अपनी बताकर फर्जी कागजात तैयार कराए और रजिस्ट्री तक करा दी। जमीन की रजिस्ट्री हो जाने के बाद पीड़ित को कोई शक नहीं हुआ और उसने पूरी रकम चुका दी। यह साजिश तब तक सफल रही जब तक पीड़ित खुद कब्जा लेने नहीं पहुंचा। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की उम्मीद है।
प्रॉपर्टी खरीदारों के लिए सावधानी जरूरी
यह मामला उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो दूसरे राज्यों में जाकर जमीन या संपत्ति खरीदने की योजना बनाते हैं। किसी भी जमीन की खरीद से पहले राजस्व अभिलेखों की स्वतंत्र रूप से जांच कराना, स्थानीय प्रशासन से भूमि स्वामित्व की पुष्टि करना और बिचौलियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करना बेहद जरूरी है। वाराणसी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इस तरह के किसी भी संदिग्ध सौदे की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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