वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पशु तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर सहित दो आरोपी गिरफ्तार, 26 पशु कराए गए मुक्त
काशी जोन कमिश्नरेट वाराणसी के अंतर्गत थाना रामनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। 30 जनवरी 2026 को मुखबिर से प्राप्त विशेष सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सगरा पोखरा के समीप दुर्गा मंदिर के पास एक कंटेनर वाहन को रोककर तलाशी ली। जांच के दौरान कंटेनर के भीतर 18 राशि पड़वा और 8 राशि पड़िया अथवा भैंस कुल 26 पशु बेहद अमानवीय और क्रूर परिस्थितियों में लदे पाए गए, जो भूख और प्यास से व्याकुल थे। पशुओं को अवैध रूप से वध के उद्देश्य से कानपुर की ओर ले जाया जा रहा था।
पुलिस द्वारा मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें पहला आरोपी मो नईम पुत्र मो शाहीन निवासी मझनपुर थाना मझनपुर जनपद कौशाम्बी उम्र लगभग 25 वर्ष तथा दूसरा आरोपी मोहम्मद नदीम पुत्र मोहम्मद बबलू निवासी छोटा मिर्जापुर थाना चुनार जनपद मिर्जापुर उम्र लगभग 20 वर्ष है। दोनों को विधिसम्मत रूप से हिरासत में लेते हुए घटना में प्रयुक्त कंटेनर वाहन संख्या UP78HN3611 को भी कब्जे में ले लिया गया। इस संबंध में थाना रामनगर पर मुकदमा संख्या 0024/2026 धारा 11 पशु क्रूरता अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है और अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
घटना के संबंध में पुलिस द्वारा बताया गया कि कंटेनर में पशुओं को इस प्रकार ठूंस ठूंस कर भरा गया था कि उनके बैठने या हिलने डुलने की कोई गुंजाइश नहीं थी। लंबे समय तक बंद कंटेनर में रखे जाने के कारण पशु गंभीर तनाव की स्थिति में थे और कई पशु कमजोर अवस्था में पाए गए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी पशुओं को सुरक्षित बाहर निकलवाया और आवश्यक देखभाल की व्यवस्था कराई। यह कार्रवाई पशु तस्करी और पशु क्रूरता के खिलाफ पुलिस की सख्त नीति को दर्शाती है।
इस पूरी कार्रवाई को थाना रामनगर के प्रभारी निरीक्षक दुर्गा सिंह के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। टीम में उप निरीक्षक जयप्रकाश सिंह, उप निरीक्षक पंकज मिश्रा, हेड कांस्टेबल रविंद्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल राकेश कुमार सिंह तथा कांस्टेबल सर्वेश कुमार शामिल रहे। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पशु क्रूरता और अवैध तस्करी में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि पशु तस्करी के नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से न केवल पशुओं की जान बचाई जा सकी, बल्कि अपराधियों को भी कानून के शिकंजे में लाया गया। कमिश्नरेट पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं भी पशु क्रूरता या अवैध पशु परिवहन की सूचना मिले तो तत्काल पुलिस को अवगत कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
