वाराणसी में 50 हजार के इनामी बदमाश दीपक यादव उर्फ कन्हैया गिरफ्तार, दिसंबर हमले का था वांछित आरोपी
वाराणसी। उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने 50,000 रुपये के इनामी शातिर अपराधी दीपक यादव उर्फ कन्हैया उर्फ पहलवान को वाराणसी से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी थाना बड़ागांव में दर्ज एक गंभीर हमले के मामले में वांछित था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
गिरफ्तार अभियुक्त दीपक यादव, पुत्र राम अवध यादव, निवासी ग्राम पलकहा, थाना चौबेपुर, जनपद वाराणसी का रहने वाला है। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
एसटीएफ के विशेष अभियान में मिली सफलता
फरार और इनामी अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्तर प्रदेश एसटीएफ की विभिन्न इकाइयों को सक्रिय किया गया था। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ वाराणसी यूनिट ने आरोपी की तलाश तेज की।
निरीक्षक अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम लगातार सूचना संकलन और निगरानी कर रही थी। तकनीकी और मुखबिर तंत्र के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई।
ग्राम जमुनापुर के पास दबोचा गया आरोपी
सूचना के आधार पर उप निरीक्षक अंगद सिंह यादव और उप निरीक्षक विनय मौर्य के नेतृत्व में टीम ने जमीनी स्तर पर छानबीन की। विश्वसनीय मुखबिर से जानकारी मिली कि दीपक यादव ग्राम जमुनापुर के आसपास मौजूद है।
इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एसटीएफ टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की विधिक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है।
दिसंबर 2025 के हमले में था मुख्य आरोपित
पूछताछ में सामने आया कि दीपक यादव पिछले वर्ष दिसंबर माह में हुए एक हिंसक हमले के मामले में वांछित था। इस घटना में अभिषेक यादव अपने साथी रामू यादव के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे, तभी दयालपुर के पास 6-7 हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया था।
हमले में रामू यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि समीर सिंह को भी चोटें आई थीं, जिनकी बाद में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस मामले में थाना बड़ागांव में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस प्रकरण में पुलिस पहले ही छह आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन दीपक यादव घटना के बाद से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचता फिर रहा था।
आपराधिक इतिहास भी रहा सक्रिय
पुलिस के अनुसार, दीपक यादव एक मनबढ़ और सक्रिय अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में थाना चौबेपुर में मारपीट के दो मुकदमे भी दर्ज हैं। क्षेत्र में उसकी छवि एक दबंग प्रवृत्ति के व्यक्ति के रूप में रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरारी काट रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
इनामी घोषित कर तेज की गई थी तलाश
घटना के बाद आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर पुलिस ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके बाद एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने उसकी तलाश और तेज कर दी थी।
लगातार दबिश और खुफिया जानकारी के आधार पर आखिरकार आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली।
गिरफ्तारी से अपराध नियंत्रण में मदद
पुलिस का मानना है कि दीपक यादव की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अपराध पर नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से फरार चल रहे इस इनामी अपराधी के पकड़े जाने से लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
एसटीएफ और वाराणसी पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
आगे की विधिक कार्रवाई जारी
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क तथा अन्य आपराधिक गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों का सहयोग मिल रहा था।
प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
एसटीएफ की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून से बचकर भागने वाले अपराधियों की गिरफ्तारी केवल समय की बात है।
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