जय जवान जय किसान गेट के पास दो महीने से सड़क खोदकर छोड़ी
वाराणसी: रामनगर किला मार्ग पर जय जवान जय किसान गेट के ठीक पास सड़क को केबल तार डालने के लिए खोदकर छोड़ दिए जाने का मामला अब राहगीरों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल बन गया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क खोदे हुए करीब दो महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो गड्ढे को ठीक से भरा गया और न ही सड़क की स्थायी मरम्मत कर उसे सुरक्षित बनाया गया है।
बारिश में पानी भरने से बढ़ा खतरा
मुख्य मार्ग पर खुले पड़े इस गड्ढे के कारण यहां अक्सर आवागमन प्रभावित होता है और जाम की स्थिति बनती है। बारिश के दौरान गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी वास्तविक गहराई और स्थिति वाहन चालकों को दिखाई नहीं देती। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन इस गड्ढे के कारण असंतुलित हो चुके हैं और यहां लगातार खतरा बना हुआ है।
रामनगर किला मार्ग पर रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही
रामनगर किला मार्ग कोई सुनसान अथवा सामान्य संपर्क मार्ग नहीं है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में लोग रामनगर और वाराणसी के विभिन्न हिस्सों के बीच आवागमन करते हैं। प्रतिदिन हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं। एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में मुख्य सड़क पर लंबे समय से मौजूद गड्ढा किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकता है।
आखिर दो महीने से किसके आदेश का इंतजार
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क खोदने की अनुमति किस विभाग या संस्था ने दी थी। यदि केबल डालने के लिए सड़क खोदी गई थी तो काम पूरा होने के बाद सड़क को मूल स्थिति में बहाल करने की जिम्मेदारी किसकी है। संबंधित विभाग ने अब तक मौके का निरीक्षण क्यों नहीं किया। यदि निरीक्षण किया गया तो सड़क की मरम्मत के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से अपेक्षित है।
सड़क खोदने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने की मांग
यदि किसी निजी कंपनी या एजेंसी की ओर से केबल डालने के लिए सड़क खोदी गई है तो सड़क की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की बनती है। सड़क को खोदकर उसे लंबे समय तक उसी स्थिति में छोड़ देना राहगीरों के लिए जोखिम पैदा करता है। स्थानीय लोगों की मांग है कि सड़क खोदने वाली एजेंसी या संस्था की पहचान कर उसकी जिम्मेदारी तय की जाए और तत्काल सड़क को सुरक्षित कराया जाए।
गड्ढामुक्त सड़क के दावों पर भी सवाल
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की ओर से सड़कों को गड्ढामुक्त करने और सड़क सुरक्षा पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। इसके बावजूद रामनगर किला मार्ग पर मुख्य सड़क के बीच लंबे समय से मौजूद गड्ढे की स्थिति स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े करती है। बारिश के मौसम में जब सड़क पर पानी भर जाता है तो खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि वह सड़क की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करे और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
हादसा हुआ तो जिम्मेदारी किसकी होगी
जनता का सवाल सीधा है कि यदि इस गड्ढे के कारण कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। किसी बच्चे, बुजुर्ग, महिला, बाइक सवार या गंभीर मरीज को लेकर जा रहे वाहन के साथ दुर्घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते खतरे को खत्म करना अधिक जरूरी है। सड़क की मरम्मत होने तक मौके पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और रात के समय पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था भी जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
रामनगर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, नगर प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और संबंधित विभागीय अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। मौके का निरीक्षण कर सड़क खोदने वाली एजेंसी की जिम्मेदारी तय करने के साथ सड़क की स्थायी मरम्मत कराई जानी चाहिए। जब तक मरम्मत का कार्य पूरा नहीं होता तब तक राहगीरों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
जरूरत कार्रवाई की है आश्वासन की नहीं
रामनगर किला मार्ग पर जय जवान जय किसान गेट के पास लंबे समय से मौजूद गड्ढा अब केवल सड़क की खराब स्थिति का मामला नहीं रह गया है। यह सीधे तौर पर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी से जुड़ा विषय बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सड़क की तकनीकी मानकों के अनुरूप स्थायी मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था ही इस समस्या का वास्तविक समाधान है।
न्यूज रिपोर्ट का सवाल
जब मुख्य मार्ग पर सड़क खोदने के बाद उसे दो महीने से अधिक समय तक सुरक्षित स्थिति में नहीं लाया जा सका तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब कार्रवाई करेगा। जनता को आश्वासन से अधिक सुरक्षित सड़क की जरूरत है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कब तक मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत कराता है और राहगीरों के लिए बने इस खतरे को समाप्त करता है।
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