गर्मी की छुट्टियों के बाद फिर गुलजार होंगे परिषदीय विद्यालय, तिलक और आरती से होगा विद्यार्थियों का स्वागत
वाराणसी: ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद एक बार फिर परिषदीय विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियां शुरू होने जा रही हैं। जिले के सभी परिषदीय विद्यालय 16 जून से नियमित रूप से संचालित होंगे। करीब डेढ़ महीने के अवकाश के बाद विद्यालयों के खुलने से बच्चों की चहल पहल, कक्षाओं की रौनक और शिक्षण गतिविधियों का माहौल फिर से लौटेगा। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन विद्यालय पहुंचने वाले छात्र छात्राओं का पारंपरिक तरीके से तिलक और आरती के साथ स्वागत किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से बच्चों में विद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना बढ़ेगी और वे उत्साह के साथ अध्ययन कार्य में शामिल होंगे।
विद्यालयों में तैयारियां पूरी करने के निर्देश
नए शैक्षणिक सत्र को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय खुलने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विद्यालय परिसरों की साफ सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुचारु रखने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के सभी परिषदीय विद्यालय 16 जून से नियमित रूप से संचालित होंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सभी विद्यालयों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का प्रयास है कि बच्चे एक स्वच्छ, सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण में अपनी पढ़ाई की शुरुआत करें।
स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण पर विशेष जोर
बीएसए द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों, बरामदों, छतों, छज्जों और रसोईघरों की सफाई विद्यालय खुलने से पहले पूरी कर ली जानी चाहिए। इसके साथ ही विद्यालय परिसर और आसपास उगी झाड़ियों को हटाने, पानी की टंकियों की सफाई कराने तथा पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। हैंडवॉश यूनिट, शौचालय और पानी के सभी नलों को कार्यशील स्थिति में रखने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि स्वच्छ और सुरक्षित विद्यालयी वातावरण बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के साथ साथ उनकी सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करता है। इसी कारण विद्यालय खुलने से पहले आधारभूत व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया गया है।
अभिभावकों से संवाद बढ़ाने पर रहेगा फोकस
नए सत्र में केवल पठन पाठन ही नहीं बल्कि अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। विद्यालय खुलने के बाद शिक्षक अभिभावकों से संपर्क स्थापित करेंगे और उन्हें विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, शैक्षणिक गतिविधियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। विभाग का उद्देश्य विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है ताकि बच्चों की नियमित उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
स्कूल चलो अभियान को मिलेगी गति
नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूल चलो अभियान को भी गति दी जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। सभी स्कूल जाने योग्य बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के साथ साथ प्राथमिक से उच्च प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक विद्यार्थियों के सुचारु संक्रमण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन बढ़ाने के साथ साथ विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति पर निगरानी रखी जाए। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
शैक्षणिक गुणवत्ता और ऑपरेशन कायाकल्प पर रहेगा ध्यान
विद्यालय खुलने के बाद अकादमिक कैलेंडर के अनुसार नियमित शिक्षण कार्य प्रारंभ होगा। विद्यार्थियों की उपस्थिति, सीखने के परिणाम, मूल्यांकन प्रक्रिया और शिक्षण गुणवत्ता की निरंतर समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शैक्षणिक गतिविधियों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।
इसके साथ ही शिक्षक संकुल बैठकों को अधिक उपयोगी और परिणाम आधारित बनाने की योजना है। शिक्षकों के बीच नवाचारों और अनुभवों के आदान प्रदान के माध्यम से शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। वहीं ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत निर्धारित मानकों को पूरा करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का स्तर बेहतर हो सके।
गर्मी की छुट्टियों के बाद लौटेगी विद्यालयों की रौनक
करीब डेढ़ महीने के अवकाश के बाद सोमवार से परिषदीय विद्यालयों में फिर से बच्चों की आवाजें गूंजेंगी। कक्षाओं में पढ़ाई शुरू होगी और विद्यालयी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित होंगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन, उपस्थिति और शैक्षणिक गुणवत्ता के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। विद्यालयों में तिलक और आरती के साथ होने वाला स्वागत कार्यक्रम बच्चों के लिए नए सत्र की शुरुआत को यादगार बनाने का प्रयास होगा, जिससे वे उत्साह और ऊर्जा के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा आगे बढ़ा सकें।
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