वाराणसी में दर्दनाक हादसा-पोखरे में डूबने से 13 वर्षीय किशोर की मौत, परिवार में मचा कोहराम
वाराणसी: मडुआडीह थाना क्षेत्र के कंदवा इलाके में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। एक 13 वर्षीय किशोर की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान पवन प्रजापति के रूप में हुई है। यह हादसा उस समय हुआ जब पवन अपने दो दोस्तों के साथ खेलते-खेलते पोखरे की सीढ़ियों तक पहुंच गया था।
फिसलन बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पोखरे की सीढ़ियों पर जमी काई इस हादसे की मुख्य वजह बनी। खेल के दौरान अचानक पवन का पैर फिसल गया और वह संतुलन खोकर गहरे पानी में जा गिरा। उसके दोस्तों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक पवन पानी में डूब चुका था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गोताखोरों ने किया लंबा प्रयास
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों को तुरंत पानी में उतारा गया। करीब दो घंटे तक लगातार तलाश की गई, लेकिन प्रारंभिक प्रयासों में सफलता नहीं मिली। इस दौरान पोखरे के किनारे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हर कोई किसी चमत्कार की उम्मीद में पानी की ओर टकटकी लगाए रहा, लेकिन समय बीतने के साथ उम्मीदें कमजोर पड़ती चली गईं।
एनडीआरएफ ने निकाला शव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को बुलाया। मौके पर पहुंची टीम ने तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब 20 मिनट के भीतर पवन को पानी से बाहर निकाल लिया। हालांकि, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसके नाक और मुंह से झाग निकल रहा था, जो डूबने की स्थिति की पुष्टि करता है।
परिवार में मचा कोहराम
जैसे ही पवन का शव बाहर निकाला गया, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और अन्य परिजन बेटे के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे। पूरे माहौल में मातम छा गया और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। एक मासूम की असमय मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।
पोस्टमार्टम को लेकर हुई नोकझोंक
घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन इस दौरान परिजन भावनात्मक रूप से टूट चुके थे और उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसे लेकर कुछ समय तक पुलिस और परिजनों के बीच नोकझोंक भी हुई। हालांकि, बाद में पुलिस के समझाने पर परिजन तैयार हो गए, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की गई।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की कमी को उजागर करता है। पोखरे की सीढ़ियों पर जमी काई और पर्याप्त सुरक्षा उपायों का अभाव ऐसे हादसों को न्योता देता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पवन प्रजापति की असमय मौत ने पूरे कंदवा क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक हंसता-खेलता बच्चा पल भर में इस दुनिया से चला गया, पीछे छोड़ गया अपने परिजनों के लिए कभी न भरने वाला खालीपन और दर्दभरी यादें।
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