वाराणसी में मतदाता सूची पुनरीक्षण पर निर्वाचन आयुक्त की समीक्षा बैठक

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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वाराणसी में निर्वाचन आयुक्त डॉ. एसएस संधू मतदाता सूची पुनरीक्षण की समीक्षा करते हुए

वाराणसी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच भारत निर्वाचन आयुक्त डा. एसएस संधू के आज देर शाम वाराणसी पहुंचने की सूचना से प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। निर्वाचन आयुक्त शनिवार को एसआइआर के क्रम में जारी मतदाता सूची के आलेख प्रकाशन के बाद प्राप्त दावे और आपत्तियों समेत इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करेंगे। इसे लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

एसआइआर प्रक्रिया के दौरान सामने आए विवादों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार में स्टांप व पंजीयन शुल्क राज्यमंत्री और उत्तरी विधानसभा से विधायक रविंद्र जायसवाल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया कि करीब नौ हजार से अधिक मतदाताओं के नाम एक स्थान के बजाय कई बूथों पर दर्ज हैं और इनमें अधिकांश नाम मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं। मंत्री ने इसे वोट जेहाद करार देते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया। उन्होंने प्रेस वार्ता कर स्क्रीन पर ऐसे मतदाताओं के नाम भी प्रदर्शित किए, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

मंत्री के आरोपों पर जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल दावा और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। जांच के दौरान यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर पाया जाता है, तो नियमानुसार उसे केवल एक ही स्थान पर रखा जाएगा और अन्य जगहों से हटा दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के तहत पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है।

दूसरी ओर कांग्रेस ने भी सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के लोग फार्म सात का दुरुपयोग कर मुस्लिम वर्ग और गैर भाजपा समर्थक मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ पर दबाव बनाकर मतदाता सूची से नाम हटवाए जा रहे हैं, जबकि फार्म छह के जरिए अपने समर्थकों के नाम जोड़े जा रहे हैं।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि एसआइआर के दूसरे चरण में फार्म छह और फार्म सात के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। राघवेंद्र चौबे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग नाम जोड़ने और काटने वाले फार्म स्वयं प्रिंट कराकर बांट रहे हैं और बीएलओ पर दबाव बनाकर मतदाता सूची में बदलाव करा रहे हैं। उन्होंने इसे वोट चोरी बताते हुए कहा कि यदि दावा आपत्ति का समय नहीं बढ़ाया गया और सत्ता पक्ष के दबाव में गड़बड़ी हुई, तो कांग्रेस इसका जोरदार विरोध करेगी।

इन तमाम आरोप प्रत्यारोपों के बीच वाराणसी की राजनीति पूरी तरह एसआइआर के इर्द गिर्द सिमट गई है। एक दिन पहले जहां रविंद्र जायसवाल ने हजारों फर्जी नाम जोड़ने का आरोप लगाया था, वहीं अब कांग्रेस ने नाम काटने की साजिश का मुद्दा उठा दिया है। ऐसे में भारत निर्वाचन आयुक्त डा. एसएस संधू का वाराणसी आगमन बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि उनके दौरे के दौरान मतदाता सूची को लेकर उठे सभी विवादों पर विस्तार से चर्चा होगी और आगे की दिशा तय की जाएगी। फिलहाल बनारस में मतदाता सूची और एसआइआर को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

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Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order, public administration, and social issues. With a strong focus on factual accuracy and public interest journalism, he contributes investigative and field-based stories from across Uttar Pradesh.