काशी विद्यापीठ में यूजीसी रेगुलेशन पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, परिसर में तनाव

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Savan Nayak
Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order,...
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काशी विद्यापीठ परिसर में यूजीसी रेगुलेशन के विरोध में छात्र प्रदर्शन करते हुए

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में यूजीसी रेगुलेशन को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। विश्वविद्यालय परिसर सोमवार को उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब बड़ी संख्या में छात्रों ने यूजीसी लागू करने की मांग को लेकर हल्ला बोल प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी कानून पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाए जाने के बाद से ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के छात्रों में गहरी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि इस रोक से सामाजिक न्याय और आरक्षण से जुड़े अधिकारों पर सीधा असर पड़ रहा है, जिसे वे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेंगे।

विश्वविद्यालय में इस समय स्नातक स्तर की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में प्रदर्शन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर पहले से किए गए आह्वान के बाद छात्र बड़ी संख्या में कैंपस में जुटने लगे। देखते ही देखते विश्वविद्यालय परिसर छावनी में तब्दील नजर आने लगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट मोड में आते हुए बाहरी लोगों की एंट्री पर पूरी तरह रोक लगा दी है। कैंपस के भीतर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रदर्शनकारी छात्र पहले समाज चौराहे पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए केंद्रीय पुस्तकालय की ओर बढ़े। हाथों में तख्तियां लिए छात्र यूजीसी लागू करो, 100 में से 90 शोषित हैं 90 भाग हमारा है और द्रोणाचार्य होशियार अंगूठा काटना बंद करो जैसे नारे लगाते नजर आए। मानविकी संकाय से निकलकर छात्र दोबारा प्रशासनिक कार्यालय की ओर बढ़े, जिससे परिसर में हलचल और तनाव का माहौल बन गया। करीब एक घंटे के भीतर छात्र कई बार अलग अलग स्थानों पर एकत्र हुए और संगठित होकर आगे बढ़ते रहे।

प्रदर्शन के दौरान एससी एसटी ओबीसी एकता मंच की ओर से भी सोशल मीडिया पर पोस्टर वायरल किए गए, जिनमें छात्रों और आम लोगों से इस हल्ला बोल कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की गई थी। पोस्टरों में यूजीसी रेगुलेशन के पूर्ण समर्थन की बात कही गई, जिससे आंदोलन को और बल मिला। छात्रों का कहना है कि यह केवल विश्वविद्यालय का मुद्दा नहीं है, बल्कि देशभर के वंचित वर्ग के छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए गए हैं। चीफ प्रॉक्टर केके सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में परीक्षाएं और पढ़ाई दोनों एक साथ चल रही हैं, ऐसे में बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पांच फरवरी से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सभी छात्रों को अपना पहचान पत्र या फीस रसीद साथ लेकर आने के निर्देश दिए गए हैं। बिना वैध पहचान पत्र के प्रवेश नहीं दिया जाएगा और उल्लंघन की स्थिति में अनुशासनात्मक या विधिक कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर मौजूद एसीपी ईशान सोनी ने बताया कि छात्रों ने यूजीसी के समर्थन में एक आयोजन किया था और अपनी बात प्रॉक्टोरियल बोर्ड व प्रशासन के समक्ष रखने की योजना थी। आयोजन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

फिलहाल काशी विद्यापीठ परिसर में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। परीक्षाओं के बीच इस तरह के आंदोलन से छात्रों और प्रशासन दोनों की चुनौतियां बढ़ गई हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है और यह आंदोलन आगे किस दिशा में जाता है।

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Savan Nayak is the Bureau Chief for Uttar Pradesh at News Report, a registered Hindi newspaper. He specializes in ground reporting on crime, law and order, public administration, and social issues. With a strong focus on factual accuracy and public interest journalism, he contributes investigative and field-based stories from across Uttar Pradesh.