वसंत कॉलेज फॉर वूमेन में वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को निवेश की दुनिया से कराया परिचय
वाराणसी स्थित वसंत कॉलेज फॉर वूमेन के वाणिज्य विभाग द्वारा बुधवार को निवेशक जागरूकता कार्यक्रम के तहत निवेश की दुनिया का परिचय विषय पर एक वित्तीय कल्याण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एनएसई अकादमी लिमिटेड के सहयोग से महाविद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को व्यक्तिगत वित्त निवेश और वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूक बनाना था ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बनते हुए विवेकपूर्ण वित्तीय निर्णय ले सकें।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य प्रशिक्षक प्रणय पंचोली के सम्मान के साथ हुआ। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार तिवारी ने उन्हें महाविद्यालय की पत्रिका वसंतिका भेंट कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के समय में वित्तीय साक्षरता हर छात्रा के लिए उतनी ही जरूरी है जितनी अकादमिक शिक्षा क्योंकि सही जानकारी ही सुरक्षित भविष्य की नींव रखती है।
मुख्य प्रशिक्षक प्रणय पंचोली ने छात्राओं को निवेश के विभिन्न विकल्पों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने म्यूचुअल फंड शेयर बाजार बीमा बैंक जमा बॉंड सोना और प्रॉपर्टी जैसे निवेश साधनों पर सरल भाषा में चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने जोखिम प्रबंधन सुरक्षित निवेश और दीर्घकालिक वित्तीय योजना के महत्व को भी समझाया। आठ वर्षों से अधिक के प्रशिक्षण अनुभव के आधार पर उन्होंने व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए जिससे छात्राओं को जटिल वित्तीय अवधारणाएं सहज रूप से समझ में आ सकीं।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की और प्रश्नोत्तर सत्र में निवेश से जुड़ी अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। इस अवसर पर सह संयोजक डॉ उषा दीक्षित डॉ वेदमणि मिश्रा डॉ रंजन भट्टाचार्य और डॉ राशिका जैन सहित वाणिज्य विभाग के अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन निधि श्रीवास्तव ने किया।
अंत में बीकॉम ऑनर्स द्वितीय वर्ष की छात्रा कृतिका बजाज ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। वाणिज्य विभाग की छात्राएँ तन्नु पासवान साक्षी सिंह और अन्नु मधेसरिया ने आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई। बड़ी संख्या में उपस्थित छात्राओं ने कार्यक्रम को उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन न केवल निवेश की समझ बढ़ाने वाला रहा बल्कि छात्राओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में भी देखा गया।
