वाराणसी पुलिस को मिली बड़ी सफलता, चितईपुर में 15 लाख की चोरी का खुलासा, दो शातिर चोर गिरफ्तार
वाराणसी: धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस कमिश्नरेट लगातार सक्रिय नजर आ रही है। इसी क्रम में थाना चितईपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए बंद मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी की घटना का पर्दाफाश कर दिया है। महज कुछ दिनों के भीतर पुलिस ने न केवल घटना का खुलासा किया बल्कि चोरी में शामिल दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चोरी गया लगभग पूरा सामान भी बरामद कर लिया। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्रीय नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है तथा पुलिस टीम की कार्यशैली की सराहना की जा रही है।
बंद मकान को बनाया निशाना, परिवार की गैरमौजूदगी का उठाया लाभ
जानकारी के अनुसार तीन जून 2026 को थाना चितईपुर क्षेत्र के एक निवासी ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर बताया कि उनके बंद मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने घर में रखे कीमती सोने चांदी के आभूषणों सहित अन्य सामान चोरी कर लिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। चोरी की इस वारदात ने स्थानीय लोगों को भी चिंता में डाल दिया था क्योंकि जिस तरीके से बंद मकान को निशाना बनाया गया था उससे साफ प्रतीत हो रहा था कि अपराधियों ने पहले से रेकी कर घटना को अंजाम दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना चितईपुर में मुकदमा अपराध संख्या 134 वर्ष 2026 पंजीकृत किया गया और जांच शुरू कर दी गई।
पुलिस आयुक्त के निर्देश पर काशी जोन के पुलिस उपायुक्त तथा अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। टीम को घटना के प्रत्येक पहलू की जांच करते हुए जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना तंत्र तथा संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी।
सर्विलांस और मुखबिर तंत्र ने दिलाई सफलता
प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय रही। घटना स्थल के आसपास के क्षेत्रों की जांच, संदिग्धों की पहचान और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से पुलिस लगातार सुराग जुटा रही थी। इसी दौरान छह जून 2026 को पुलिस को एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई कि चोरी की घटना में शामिल दो युवक प्रज्ञानगर कॉलोनी के आसपास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र की घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों युवकों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान 23 वर्षीय आकाश पटेल निवासी नासिरपुर थाना चितईपुर तथा 22 वर्षीय अनुज साहनी निवासी प्रज्ञानगर कॉलोनी सुन्दरपुर थाना चितईपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों अभियुक्तों ने सुनियोजित तरीके से बंद मकान को निशाना बनाया था और चोरी के बाद सामान को अलग अलग स्थानों पर छिपाकर रखा था।
सोने चांदी के आभूषणों सहित भारी मात्रा में सामान बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी किया गया बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया। बरामदगी में सोने के झुमके, टप्स, बाली, नाक की कील, अंगूठियां, चैन, हार, लॉकेट तथा अन्य बहुमूल्य आभूषण शामिल हैं। इसके अतिरिक्त चांदी की कटोरी, चम्मच, पायल, बिछिया, सिक्के, कड़े तथा भगवान कृष्ण, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की चांदी की मूर्तियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस ने चोरी गया लेनोवो टैबलेट और अन्य सामान भी अपने कब्जे में लिया है।
पुलिस के अनुसार बरामद सभी सामानों की पहचान पीड़ित परिवार द्वारा कर ली गई है। प्रारंभिक आकलन में बरामद संपत्ति का मूल्य लगभग 15 लाख रुपये बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद होना पुलिस की जांच की सफलता को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती तो संभव था कि चोरी का सामान विभिन्न स्थानों पर बेच दिया जाता और उसकी बरामदगी मुश्किल हो जाती।
क्षेत्र में बढ़ा सुरक्षा का भरोसा
इस घटना के सफल अनावरण के बाद क्षेत्रीय नागरिकों में राहत का माहौल है। लोगों का कहना है कि हाल के वर्षों में बंद मकानों को निशाना बनाने की घटनाएं चिंता का विषय रही हैं, लेकिन इस मामले में पुलिस ने जिस तेजी और गंभीरता से कार्रवाई की है उससे अपराधियों के बीच सख्त संदेश गया है। पुलिस अधिकारियों का भी कहना है कि कमिश्नरेट क्षेत्र में अपराध नियंत्रण सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपराधिक घटना में शामिल व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
घटना के सफल खुलासे में थाना चितईपुर और सर्विलांस टीम की संयुक्त भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार गौतम, उप निरीक्षक रवि चौहान, कांस्टेबल अंकित सोनकर, कमल किशोर, आदित्य तिवारी और सूरज मिश्रा शामिल रहे। वहीं सर्विलांस सेल से कांस्टेबल प्रशांत तिवारी और कांस्टेबल अश्वनी सिंह ने तकनीकी सहायता प्रदान की। अधिकारियों ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा कि इसी प्रकार की समर्पित कार्यशैली से अपराध नियंत्रण को और मजबूत किया जाएगा।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई को वाराणसी कमिश्नरेट की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। चोरी जैसी गंभीर घटनाओं के त्वरित खुलासे से न केवल पीड़ित परिवार को राहत मिली है बल्कि आम नागरिकों में भी यह विश्वास मजबूत हुआ है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
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