वाराणसी में फर्जी मैरेज ब्यूरो की आड़ में चल रहे साइबर ठगी गिरोह का खुलासा दस महिलाएं गिरफ्तार
वाराणसी: कैंट क्षेत्र में पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए फर्जी मैरेज ब्यूरो की आड़ में संचालित किए जा रहे कॉल सेंटर पर कार्रवाई की है। ऑपरेशन Cy Vazra के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने दस महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह शादी के इच्छुक लोगों को उपयुक्त जीवनसाथी दिलाने का झांसा देकर उनसे पंजीकरण शुल्क और विभिन्न सेवाओं के नाम पर धनराशि वसूलता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक कई लोगों से करीब दस लाख रुपये की ठगी कर चुका है। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
मैरेज ब्यूरो के नाम पर बनाया गया था ठगी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार आरोपी मैरेज ब्यूरो के नाम से वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर विज्ञापन जारी करते थे। इन विज्ञापनों के माध्यम से ऐसे लोगों को निशाना बनाया जाता था जो विवाह के लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे थे। संपर्क करने वाले लोगों को आकर्षक प्रोफाइल दिखाकर विश्वास में लिया जाता था और पंजीकरण शुल्क सहित अन्य सेवाओं के नाम पर अलग अलग किस्तों में पैसे जमा कराए जाते थे। पुलिस का कहना है कि रकम मिलने के बाद पीड़ितों से संपर्क समाप्त कर दिया जाता था। कई मामलों में फर्जी प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसाने की बात भी सामने आई है।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस को काफी समय से इस प्रकार की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। लगातार मिल रही सूचनाओं और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने कॉल सेंटर की पहचान की और ऑपरेशन Cy Vazra के तहत छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान मौके से दस महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार महिलाओं की भूमिका और उनके कार्यों की विस्तार से जांच की जा रही है ताकि पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली का पता लगाया जा सके।
सत्ताईस मोबाइल और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से सत्ताईस मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं जिनमें कथित रूप से ठगी के शिकार लोगों का विवरण मौजूद है। पुलिस को कुछ बैंक खातों से संबंधित जानकारी और फर्जी पहचान पत्र भी मिले हैं। बरामद सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है और डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण कराया जा रहा है।
पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके संचालन से जुड़े लोगों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन केवल वाराणसी तक सीमित था या इसके तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। साथ ही बरामद बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर ठगी की कुल राशि तथा पीड़ितों की वास्तविक संख्या का भी सत्यापन किया जा रहा है।
साइबर अपराधों को लेकर सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि विवाह संबंधी सेवाओं का उपयोग करते समय संबंधित संस्था की विश्वसनीयता की जांच अवश्य करें। किसी भी वेबसाइट या सोशल मीडिया मंच पर उपलब्ध जानकारी पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें और किसी अनजान व्यक्ति या संस्था के खाते में धनराशि भेजने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ इस प्रकार की ठगी होती है तो तत्काल पुलिस और संबंधित साइबर प्रकोष्ठ को सूचना दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
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