राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रामनगर वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के बीच बिताया आत्मीय समय
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल महामहिम श्रीमती आनंदीबेन पटेल मंगलवार 28 जुलाई को वाराणसी के रामनगर स्थित वृद्धाश्रम पहुंचीं और वहां रह रहे वृद्धजनों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जाना। राज्यपाल ने वृद्धजनों के साथ काफी समय बिताया और उनसे आत्मीय संवाद कर उनके अनुभवों को सुना। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण और वाराणसी कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।
राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल के वृद्धाश्रम पहुंचने पर विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने उनका स्वागत किया। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और उपस्थित लोगों से राज्यपाल का परिचय कराया। इसके बाद राज्यपाल ने वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों से मुलाकात की और उनके जीवन से जुड़ी बातों को ध्यान से सुना। उन्होंने वृद्धजनों को फल और मिठाइयां वितरित कीं तथा उनके साथ सकारात्मक बातचीत करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
वृद्धजनों के सम्मान और सेवा का दिया संदेश
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वृद्धाश्रम में मौजूद बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का भाव व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज में बुजुर्गों का अनुभव और मार्गदर्शन बहुत महत्वपूर्ण होता है। वृद्धजनों की देखभाल और सम्मान करना प्रत्येक व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी है। उनके साथ कुछ समय बिताकर न केवल उन्हें खुशी मिलती है बल्कि समाज को भी मानवीय मूल्यों की प्रेरणा मिलती है।
वृद्धाश्रम में राज्यपाल की मौजूदगी से वहां रह रहे बुजुर्गों में खुशी का माहौल दिखाई दिया। उन्होंने राज्यपाल से बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए। राज्यपाल ने सभी वृद्धजनों को बेहतर स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली और वहां उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में बातचीत की।
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा वृद्धाश्रम मेरा दूसरा घर
कार्यक्रम के दौरान वाराणसी कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि वृद्धाश्रम तो मेरा दूसरा घर है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले वृद्धजनों के साथ उनका आत्मीय जुड़ाव महसूस होता है। बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करना समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के आशीर्वाद और अनुभव से समाज को नई दिशा मिलती है।
विधायक ने कहा कि वृद्धाश्रम में रहने वाले लोगों को परिवार जैसा वातावरण देने का प्रयास किया जाना चाहिए। उनकी जरूरतों को समझना और उनकी भावनाओं का सम्मान करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके प्रति संवेदनशीलता बनाए रखना आवश्यक है।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई गणमान्य लोग
रामनगर वृद्धाश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान कई कार्यकर्ता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें संतोष द्विवेदी, प्रीति सिंह, सृजन श्रीवास्तव, रितेश राय, भैया लाल सोनकर, जय सिंह चौहान, रितेश पाल, गौतम, राजकुमार सिंह, दुर्गा साहनी, जितेंद्र सिंह, पीयूष गुप्ता सहित अन्य लोग शामिल रहे। सभी ने राज्यपाल के आगमन पर उनका स्वागत किया और वृद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की।
समाज कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का रामनगर वृद्धाश्रम दौरा समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का संदेश देने वाला रहा। जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर भी समय समय पर ऐसे प्रयास किए जाते रहे हैं जिनसे वृद्धजनों को बेहतर वातावरण और सम्मान मिल सके। राज्यपाल के इस आत्मीय संवाद ने वृद्धाश्रम में रहने वाले लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई और उन्हें अपनापन महसूस कराया।
वाराणसी के रामनगर में आयोजित यह कार्यक्रम बुजुर्गों के प्रति संवेदना और सेवा भाव को मजबूत करने वाला रहा। राज्यपाल ने जिस तरह वृद्धजनों के बीच बैठकर उनकी बातें सुनीं और उनका मनोबल बढ़ाया उससे सामाजिक सरोकारों को नई मजबूती मिली। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी वृद्धजनों की सेवा और सम्मान के संकल्प को दोहराया।
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