उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के प्रथम दिन दिवंगत सदस्यों को दी गई श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे मौजूद
लखनऊ: सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के तृतीय सत्र के प्रथम दिन सदन की कार्यवाही गरिमामय वातावरण में प्रारंभ हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। कार्यवाही के आरंभ में विधानसभा अध्यक्ष के निर्देशन में हाल के दिनों में दिवंगत हुए विधानसभा और विधान परिषद के माननीय सदस्यों तथा पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सदन में सभी सदस्यों ने मौन रखकर दिवंगत जनप्रतिनिधियों के प्रति अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि व्यक्त की तथा उनके सार्वजनिक जीवन और जनसेवा में दिए गए योगदान को स्मरण किया। इसके साथ ही शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना भी प्रकट की गई। यह परंपरा उत्तर प्रदेश विधानमंडल की संवैधानिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
शोक प्रस्ताव के साथ शुरू हुई सदन की कार्यवाही
विधानसभा के प्रथम दिन की कार्यवाही की शुरुआत शोक प्रस्ताव के साथ हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने दिवंगत जनप्रतिनिधियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। सदन में कुछ समय के लिए मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। इसके बाद विधानसभा की निर्धारित कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। उत्तर प्रदेश की संसदीय परंपरा के अनुसार प्रत्येक सत्र के आरंभ में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देकर उनके लोकतांत्रिक योगदान का सम्मान किया जाता है।
जनप्रतिनिधियों के योगदान को किया गया याद
सदन में श्रद्धांजलि के दौरान दिवंगत सदस्यों के सार्वजनिक जीवन सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों का स्मरण किया गया। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस अवसर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित किया। सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेदों से अलग इस अवसर पर सभी सदस्य एकजुट दिखाई दिए और दिवंगत नेताओं के प्रति सम्मान प्रकट किया। विधानसभा की कार्यवाही का यह हिस्सा लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय गरिमा का प्रतीक माना जाता है।
मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर होगी चर्चा
उत्तर प्रदेश विधानसभा के तृतीय सत्र के दौरान सरकार विभिन्न विधायी और जनहित से जुड़े विषयों को सदन के समक्ष रखेगी। वहीं विपक्ष भी प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। सत्र को देखते हुए विधान भवन और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ही सुदृढ़ किया गया है। प्रशासन ने यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं ताकि सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।
लोकतांत्रिक परंपराओं का हुआ सम्मान
विधानसभा के प्रथम दिन दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित किए जाने की कार्यवाही ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि लोकतांत्रिक संस्थाएं केवल कानून निर्माण का मंच नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों के योगदान और लोकतांत्रिक मूल्यों के सम्मान की भी प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम ने सदन की गरिमा और संसदीय परंपराओं को मजबूती प्रदान की। इसके बाद सदन ने अपने निर्धारित विधायी कार्यों की दिशा में आगे बढ़ते हुए आगामी कार्यसूची पर विचार प्रारंभ किया।
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