प्रतापगढ़ में लगातार बारिश के बीच सौ साल पुराना मकान ढहा एक ही परिवार के छह लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। नगर कोतवाली क्षेत्र के महुली मोहल्ले में स्थित करीब सौ साल पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय परिवार के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। मकान की छत गिरने से छह लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई जबकि परिवार का एक सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस दमकल और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चलाया। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू के बाद सभी को मलबे से बाहर निकाला गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया जबकि घायल का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
माता पिता बेटा बहू और दो मासूम बच्चों की गई जान
पुलिस के अनुसार हादसे में मकान मालिक प्रमोद श्रीवास्तव उम्र साठ वर्ष उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव उम्र पचपन वर्ष छोटे बेटे नितिन श्रीवास्तव उम्र पच्चीस वर्ष बड़ी बहू माधुरी उम्र तेइस वर्ष तथा माधुरी के दो पुत्र माधव उम्र दो वर्ष और अद्विक उम्र दस माह की मौत हो गई। परिवार का बड़ा बेटा अमन श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इस हादसे के बाद पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंच रहे हैं।
गर्मी और उमस के कारण सभी एक ही कमरे में सो रहे थे
परिजनों के अनुसार बुधवार रात गर्मी और उमस अधिक होने के कारण परिवार के सभी सदस्य वातानुकूलित कमरे में सोए थे। रात करीब डेढ़ बजे से दो बजे के बीच अचानक तेज आवाज के साथ मकान की छत भरभराकर गिर गई। हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने या मदद के लिए आवाज लगाने तक का मौका नहीं मिला। सभी लोग मलबे में दब गए। अमन श्रीवास्तव कमरे के किनारे की ओर सो रहे थे जिससे उन्हें किसी तरह बाहर निकलने का मौका मिल गया। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा दमकल विभाग को सूचना दी गई।
दो घंटे तक चला राहत और बचाव अभियान
सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिसकर्मियों ने लोहे की रॉड की सहायता से खिड़की तोड़कर अंदर प्रवेश किया और एक एक कर सभी लोगों को मलबे से बाहर निकाला। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया लेकिन चिकित्सकों ने छह लोगों को मृत घोषित कर दिया। घायल अमन का उपचार जारी है।
पुश्तैनी मकान में रहता था परिवार
जानकारी के अनुसार प्रमोद श्रीवास्तव अपने पुश्तैनी मकान में परिवार के साथ रहते थे। उनके छोटे भाई पवन श्रीवास्तव अलग मकान में रहते हैं और प्रतापगढ़ कचहरी परिसर में चाय की दुकान चलाते हैं। प्रमोद रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करते थे जबकि उनकी पत्नी गृहिणी थीं। कुछ समय पहले दोनों भाइयों ने अपनी पैतृक जमीन लगभग पचहत्तर लाख रुपये में बेची थी। बताया जा रहा है कि परिवार मकान की मरम्मत और पहली मंजिल पर लिंटर डलवाने की तैयारी कर रहा था। तीन वर्ष पहले पहली मंजिल की दीवारें खड़ी कर दी गई थीं लेकिन आर्थिक कारणों से उस पर लिंटर नहीं डल सका था।
घायल अमन ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी
हादसे में जीवित बचे अमन श्रीवास्तव ने बताया कि रात करीब साढ़े दस बजे पूरा परिवार भोजन करने के बाद सो गया था। रात करीब डेढ़ बजे से दो बजे के बीच अचानक तेज आवाज हुई और देखते ही देखते पूरा कमरा मलबे में बदल गया। उन्होंने बताया कि उनकी आंख खुली तो शरीर मिट्टी और ईंटों के नीचे दबा था। किसी तरह बाहर निकलने के बाद उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों को निकालने की कोशिश की लेकिन मलबा अधिक होने के कारण सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने जोर से आवाज लगाकर आसपास के लोगों को बुलाया जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
लगातार बारिश के बीच जर्जर मकानों पर बढ़ा खतरा
प्रतापगढ़ में लगातार हो रही बारिश के कारण पुराने और जर्जर मकानों पर खतरा बढ़ गया है। महुली मोहल्ले में हुआ यह हादसा भी ऐसे समय हुआ जब क्षेत्र में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही थी। प्रशासन की ओर से लोगों से जर्जर भवनों में रहने से बचने और किसी भी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचना देने की अपील की जाती रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र के पुराने भवनों की स्थिति पर भी नजर रखने की बात कही है।
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