वाराणसी के रामनगर में 30 लाख के इनामी नक्सली बृजेश गंझू की मुठभेड़ के बाद मौत
वाराणसी। रामनगर थाना क्षेत्र में आज रविवार तड़के यूपी एटीएस और रामनगर पुलिस की टीम के साथ हुई मुठभेड़ में झारखंड के प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी से जुड़े बताए जा रहे बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ की ओर से मुगलसराय की तरफ जा रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एटीएस और रामनगर पुलिस की टीम ने रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान के पास उसे रोकने का प्रयास किया।
सुबह करीब 4 बजकर 49 मिनट पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार कार्रवाई रविवार सुबह करीब 4 बजकर 49 मिनट पर हुई। बृजेश गंझू अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की तरफ जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर यूपी एटीएस और रामनगर पुलिस की टीम ने उसे रोककर गिरफ्तार करने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार रुकने के बजाय बृजेश मोटरसाइकिल से कूद गया और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद जवाबी फायरिंग हुई।
मुठभेड़ में घायल हुआ बृजेश गंझू
पुलिस के अनुसार दोनों तरफ से हुई फायरिंग के दौरान बृजेश गंझू को गोली लगी। गोली लगने के बाद पुलिस टीम ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस और एटीएस की टीम ने मौके पर जांच शुरू कर दी।
दो पुलिसकर्मियों की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी गोली
मुठभेड़ के दौरान पुलिस के अनुसार बृजेश गंझू की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। दोनों पुलिसकर्मियों के जैकेट पर गोली लगने की जानकारी सामने आई है। पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए पहनी गई बुलेट प्रूफ जैकेट के कारण गंभीर नुकसान से बचाव हुआ।
झारखंड के चतरा का रहने वाला था बृजेश
बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार उसका पता लूटू थाना लावालौंग जनपद चतरा झारखंड है। उसे तृतीय प्रस्तुति कमेटी से जुड़ा कमांडर बताया गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के रिकॉर्ड में भी गोपाल सिंह भोक्ता के नाम के साथ बृजेश गंझू का नाम दर्ज है।
30 लाख रुपये का इनाम घोषित था
बृजेश गंझू पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित होने की जानकारी सामने आई है। इसमें झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से 5 लाख रुपये का इनाम बताया गया है। इस प्रकार बृजेश गंझू पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एनआईए के रिकॉर्ड में भी दर्ज था नाम
आपको बताते चले कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी के आधिकारिक रिकॉर्ड में गोपाल सिंह भोक्ता के नाम के साथ बृजेश गंझू का उपनाम दर्ज है। एनआईए के रिकॉर्ड में उसके खिलाफ दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी।
वाराणसी में मौजूदगी की सूचना पर हुई कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियों को बृजेश गंझू के वाराणसी में मौजूद होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उसके आवागमन की जानकारी जुटाई गई। रविवार तड़के टेंगरा मोड़ और रामनगर क्षेत्र में उसकी गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पुलिस और यूपी एटीएस की टीम ने कार्रवाई की। इसी दौरान लंका मैदान के पास उसे रोकने का प्रयास किया गया और मुठभेड़ हो गई।
मुठभेड़ के बाद जांच जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बृजेश गंझू वाराणसी कब पहुंचा था और उसके साथ मौजूद व्यक्ति की भूमिका क्या थी। उसके वाराणसी में संभावित संपर्कों और आवागमन से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
रामनगर क्षेत्र में पुलिस सतर्क
घटना के बाद रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस की गतिविधियां बढ़ गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं। मुठभेड़ के दौरान हुई फायरिंग और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की जांच के बाद मामले में आगे की जानकारी सामने आने की संभावना है।
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