वाराणसी मंडल में हाईवे पर टेंपो संचालन पर रोक, 280 एलपीजी ऑटो तीन माह में होंगे सीएनजी
वाराणसी। मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में गुरुवार को रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी आरटीए परिवहन विभाग की बैठक हुई। बैठक में मंडल के विभिन्न जिलों की परिवहन व्यवस्था, वाहन परमिट, सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने हाईवे पर निर्धारित अनुमन्य दूरी के अतिरिक्त टेंपो संचालन पूरी तरह रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि निर्देशों के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।
हाईवे पर टेंपो संचालन को लेकर सख्ती
बैठक में मंडलायुक्त ने सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राजमार्गों पर निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाईवे पर निर्धारित अनुमन्य दूरी के अतिरिक्त टेंपो का संचालन किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। परिवहन अधिकारियों को नियमों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया। साथ ही नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
280 एलपीजी ऑटो तीन माह में होंगे सीएनजी
बैठक में एलपीजी सिलेंडर से संचालित करीब 280 ऑटो रिक्शा के संचालन का मामला भी सामने आया। मंडलायुक्त ने ऐसे ऑटो रिक्शा का संचालन रोकते हुए उन्हें तीन माह के भीतर सीएनजी में परिवर्तित कराने के निर्देश दिए। परिवहन अधिकारियों को कन्वर्जन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्धारित समय सीमा में सभी संबंधित ऑटो रिक्शा को सीएनजी में परिवर्तित कराया जा सके।
नए ऑटो परमिट जारी करने पर रोक पर चर्चा
शहर में पहले से बड़ी संख्या में ऑटो रिक्शा के परमिट होने के कारण नए ऑटो परमिट जारी करने पर रोक के संबंध में भी बैठक में चर्चा हुई। अधिकारियों ने शहर में बढ़ते ऑटो दबाव और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श किया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि शहर की मौजूदा यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए परिवहन से जुड़े निर्णय नियमानुसार और जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाएं।
बड़ी बसों की जगह मिनी बस चलाने की मांग
बैठक में प्राइवेट बस संचालकों की ओर से बड़ी बसों के स्थान पर मिनी बसों के संचालन की मांग भी रखी गई। मंडलायुक्त ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को इस मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि संबंधित प्रकरण का नियमों के अनुसार परीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएं।
लंबित आरटीए प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
मंडलायुक्त ने आरटीए से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया। अधिकारियों को आमजन को सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि परिवहन व्यवस्था से जुड़े मामलों में नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के साथ आम लोगों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाए।
बैठक में जिलाधिकारी सहित अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मंडल के विभिन्न जिलों की परिवहन व्यवस्था से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मंडलायुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों का समयबद्ध तरीके से पालन कराने के लिए कहा गया। खास तौर पर हाईवे पर टेंपो संचालन, एलपीजी से संचालित ऑटो रिक्शा के सीएनजी में कन्वर्जन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने से जुड़े निर्देशों के प्रभावी अनुपालन पर जोर दिया गया।
पृष्ठभूमि
वाराणसी मंडल में परिवहन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान हाईवे पर टेंपो संचालन, ऑटो रिक्शा के परमिट, एलपीजी से संचालित ऑटो और निजी बसों के संचालन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। आरटीए की बैठक में इन मामलों पर अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया गया। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद परिवहन विभाग को हाईवे पर टेंपो संचालन से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराने और करीब 280 एलपीजी ऑटो रिक्शा को तीन माह के भीतर सीएनजी में परिवर्तित कराने की प्रक्रिया की निगरानी करनी होगी।
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