अनुशासनहीनता के मामलों में बीएचयू के एमए छात्र रौनक मिश्रा निलंबित
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए एमए के छात्र रौनक मिश्रा के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र को निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ छात्र पर ईसीआर 264 के तहत विभिन्न प्रतिबंध भी लागू किए गए हैं। निलंबन की अवधि में रौनक मिश्रा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ नहीं ले सकेगा। इसके अलावा छात्रावास और विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। निलंबन अवधि में उसके विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
पांच प्राथमिकी और पूर्व की अनुशासनात्मक कार्रवाई का उल्लेख
डिप्टी रजिस्ट्रार रंजीत शांडिल्य की ओर से जारी आदेश के अनुसार रौनक मिश्रा के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज हैं। इसके अलावा छात्र के खिलाफ पहले भी अनुशासनहीनता से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों को चीफ प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से विश्वविद्यालय की स्थायी समिति के समक्ष रखा गया था। समिति के सामने छात्र से जुड़े मामलों और उसके संबंध में पूर्व में की गई कार्रवाई का भी विवरण प्रस्तुत किया गया।
11 अगस्त को स्थायी समिति ने की मामलों की समीक्षा
आदेश में बताया गया है कि विश्वविद्यालय की स्थायी समिति की बैठक 11 अगस्त को हुई थी। बैठक में रौनक मिश्रा से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। समिति ने उपलब्ध तथ्यों और पूर्व में की गई कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए छात्र के खिलाफ निलंबन समेत विभिन्न प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। समिति की अनुशंसा के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई का आदेश जारी किया।
27 फरवरी 2025 को वापस लिया गया था निलंबन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इससे पहले 27 फरवरी 2025 को रौनक मिश्रा के निलंबन और उस पर लगाए गए प्रतिबंधों को वापस ले लिया गया था। उस समय छात्र को भविष्य में किसी भी तरह की अनुशासनहीन गतिविधि में शामिल नहीं होने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद बाद में उसके खिलाफ दोबारा अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल होने के आरोप सामने आए। इन मामलों को विश्वविद्यालय की स्थायी समिति के समक्ष रखा गया और समिति ने उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की समीक्षा की।
निलंबन अवधि में इन सुविधाओं पर रहेगी रोक
निलंबन अवधि में रौनक मिश्रा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों और सुविधाओं में भाग नहीं ले सकेगा। उसे विश्वविद्यालय के छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी के उपयोग पर रोक रहेगी। विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। इस तरह विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ साथ परिसर से जुड़ी अन्य सुविधाओं पर भी रोक लगा दी है।
स्थायी समिति की सिफारिश पर हुई कार्रवाई
रौनक मिश्रा के खिलाफ की गई कार्रवाई में विश्वविद्यालय की स्थायी समिति की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। चीफ प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से छात्र से जुड़े मामलों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। समिति ने 11 अगस्त की बैठक में मामलों की समीक्षा करने के बाद कार्रवाई की अनुशंसा की। इसके आधार पर डिप्टी रजिस्ट्रार रंजीत शांडिल्य की ओर से आदेश जारी किया गया।
बीएचयू परिसर में अनुशासन को लेकर सख्ती
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के बाद रौनक मिश्रा पर लगाए गए प्रतिबंध प्रभावी हो गए हैं। निलंबन की अवधि में छात्र विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सुविधाओं का उपयोग नहीं कर सकेगा। छात्रावास और लाइब्रेरी के इस्तेमाल पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा परिसर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह कार्रवाई स्थायी समिति की अनुशंसा के आधार पर की है। उपलब्ध आदेश के अनुसार छात्र के खिलाफ पांच प्राथमिकी दर्ज होने और पूर्व में अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों को भी कार्रवाई के दौरान ध्यान में रखा गया है।
बीएचयू प्रशासन की यह कार्रवाई विश्वविद्यालय परिसर में अनुशासन व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी है। छात्र के खिलाफ पहले की कार्रवाई वापस लिए जाने के बाद दोबारा अनुशासनहीनता से जुड़े मामले सामने आने का उल्लेख आदेश में किया गया है। इसी आधार पर स्थायी समिति ने मामले की समीक्षा की और निलंबन समेत विभिन्न प्रतिबंध लगाने की अनुशंसा की।
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