रामनगर में बटाऊ वीर मंदिर के सामने टूटा सीवर का ढक्कन बना खतरा
वाराणसी: रामनगर क्षेत्र में प्रसिद्ध बटाऊ वीर मंदिर के सामने मुख्य मार्ग पर टूटा हुआ सीवर का ढक्कन राहगीरों के लिए गंभीर परेशानी और दुर्घटना का कारण बन सकता है। सीवर के ढक्कन का एक हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है और उसके भीतर से लोहे की नुकीली छड़ें बाहर निकली हुई हैं। व्यस्त मार्ग पर मौजूद इस क्षतिग्रस्त हिस्से से प्रतिदिन पैदल राहगीरों के साथ स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का आवागमन होता है। स्थानीय लोगों के अनुसार रास्ते से गुजरते समय थोड़ी सी असावधानी किसी व्यक्ति को चोटिल कर सकती है।
मुख्य मार्ग पर क्षतिग्रस्त सीवर का ढक्कन
बटाऊ वीर मंदिर के सामने स्थित यह स्थान रामनगर के प्रमुख आवागमन वाले मार्गों में शामिल है। यहां सीवर का ढक्कन टूट जाने के कारण सड़क के बीच एक असुरक्षित हिस्सा बन गया है। क्षतिग्रस्त ढक्कन के आसपास कंक्रीट का हिस्सा भी टूट चुका है और लोहे की छड़ें बाहर दिखाई दे रही हैं। राहगीरों को इस स्थान से बचकर निकलना पड़ता है। खासकर रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने की स्थिति में यह खतरा और बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर इस तरह खुला और क्षतिग्रस्त सीवर ढक्कन लंबे समय तक नहीं रहना चाहिए। उनका कहना है कि नगर निगम या संबंधित विभाग को समय रहते इसकी मरम्मत करानी चाहिए ताकि किसी व्यक्ति के गिरने या लोहे की छड़ से चोट लगने की स्थिति उत्पन्न न हो। फिलहाल इस स्थान पर स्थायी मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
रामलीला के दौरान बढ़ेगा राहगीरों का दबाव
रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला के दौरान क्षेत्र में श्रद्धालुओं और दर्शकों की आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। रामलीला से जुड़े प्रमुख आयोजनों के दौरान बड़ी संख्या में लोग विभिन्न मार्गों से होकर गुजरते हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग पर मौजूद क्षतिग्रस्त सीवर का ढक्कन सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय बन जाता है। भीड़ के बीच जमीन पर मौजूद किसी अवरोध पर लोगों की नजर नहीं पड़ने की संभावना रहती है। यदि कोई व्यक्ति अचानक इस स्थान पर पैर रख देता है तो गिरने अथवा चोट लगने की स्थिति बन सकती है।
विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थान अधिक सावधानी की मांग करता है। रामलीला के दिनों में जब श्रद्धालुओं की भीड़ इस मार्ग से गुजरती है तो पैदल चलने वाले लोगों के साथ वाहनों की आवाजाही भी बनी रहती है। ऐसे में सड़क के बीच मौजूद क्षतिग्रस्त सीवर ढक्कन की तत्काल मरम्मत या सुरक्षित ढंग से घेराबंदी किया जाना जरूरी माना जा रहा है।
स्कूली बच्चों और पैदल राहगीरों की सुरक्षा का सवाल
इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे भी गुजरते हैं। बच्चों के लिए सड़क पर मौजूद गड्ढे और बाहर निकली लोहे की छड़ें विशेष रूप से चिंता का विषय हैं। चलते समय पैर फिसलने या ध्यान भटकने की स्थिति में बच्चा क्षतिग्रस्त हिस्से में गिर सकता है। इसी तरह बुजुर्गों और महिलाओं को भी इस स्थान से निकलते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी जरूरी है। सीवर का ढक्कन टूटने के बाद यदि समय रहते उसकी मरम्मत नहीं होती है तो सामान्य आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त ढक्कन को हटाकर मजबूत स्लैब लगाया जाए और आसपास का हिस्सा भी सुरक्षित किया जाए।
नगर निगम और स्थानीय प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
रामनगर के स्थानीय लोगों ने वाराणसी नगर निगम और संबंधित अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय संभावित खतरे को पहले ही दूर किया जाना चाहिए। सीवर के ढक्कन की मरम्मत के साथ बाहर निकली लोहे की छड़ों को भी सुरक्षित तरीके से हटाना आवश्यक है। यदि तत्काल मरम्मत संभव नहीं है तो तब तक मौके पर बैरिकेडिंग अथवा चेतावनी की व्यवस्था की जा सकती है ताकि राहगीरों को खतरे के बारे में जानकारी मिल सके।
बटाऊ वीर मंदिर के सामने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
बटाऊ वीर मंदिर रामनगर में आस्था से जुड़ा प्रमुख स्थल है और इसके आसपास दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। मंदिर के ठीक सामने मुख्य मार्ग पर इस तरह सीवर का क्षतिग्रस्त ढक्कन मौजूद होना स्थानीय व्यवस्था और सड़क सुरक्षा से जुड़ा विषय है। धार्मिक स्थल के आसपास आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर नगर निगम और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। मांग यही है कि मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त सीवर ढक्कन की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए। रामनगर में रामलीला के चलते आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस समस्या का समाधान और भी जरूरी हो जाता है। किसी संभावित दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से मौजूद खतरे को दूर करना ही सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है।
पृष्ठभूमि
रामनगर वाराणसी का ऐतिहासिक क्षेत्र है और यहां आयोजित होने वाली रामलीला देश और दुनिया में अपनी विशिष्ट परंपरा के लिए जानी जाती है। रामलीला के दौरान नगर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचते हैं। ऐसे समय में प्रमुख मार्गों पर सड़क, सीवर, प्रकाश व्यवस्था और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं का सुरक्षित रहना महत्वपूर्ण हो जाता है। बटाऊ वीर मंदिर के सामने क्षतिग्रस्त सीवर ढक्कन की समस्या इसी व्यापक सड़क सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा स्थानीय मुद्दा है।
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