लखनऊ से देवा और आगे सीतापुर की ओर यात्रा करने वाले हजारों लोगों के लिए आने वाले समय में राहत की खबर है। शहर के भीतर लगने वाले लंबे जाम और धीमी रफ्तार से परेशान यात्रियों को अब वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद जगी है। बाराबंकी से देवा तक नए फोरलेन हाईवे के निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने दो संभावित मार्गों पर सर्वे शुरू कर दिया है। इन दोनों विकल्पों का उद्देश्य लखनऊ और आसपास के शहरी क्षेत्रों में यातायात के दबाव को कम करना और लंबी दूरी के यात्रियों को सुगम और तेज सफर उपलब्ध कराना है।
पहले प्रस्तावित मार्ग के अनुसार सफेदाबाद से देवा तक ऐसा फोरलेन विकसित किया जा सकता है जो शहर को बायपास करता हुआ आगे बढ़े। इससे लखनऊ से निकलने वाले वाहन सीधे देवा की ओर बढ़ सकेंगे और नगर क्षेत्र के भीतर प्रवेश नहीं करना पड़ेगा। दूसरा विकल्प किसान पथ और रिंग रोड को देवा चिनहट हाईवे से जोड़ते हुए नए मार्ग के विकास से जुड़ा है। इस मार्ग के बनने से पूर्वी और दक्षिणी लखनऊ से आने वाले वाहनों को सीधा संपर्क मिलेगा और शहर के भीतर जाम से बचा जा सकेगा। दोनों ही विकल्पों का सर्वे किया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम रूट का चयन होगा।
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार आवागमन को आसान बनाने के लिए नई सड़क परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। बाराबंकी जिले में पहले से ही कई प्रमुख हाईवे मौजूद हैं फिर भी बढ़ते वाहनों की संख्या के कारण यात्रियों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लखनऊ से देवा फतेहपुर होते हुए सीतापुर जाने वाले वाहनों को वर्तमान में नवाबगंज नगर पालिका क्षेत्र के भीतर से गुजरना पड़ता है। इस दौरान कुरौली क्षेत्र में अतिक्रमण उपनिबंधन कार्यालय के पास अवैध पार्किंग पटेल तिराहे पर ई रिक्शा स्टैंड बस स्टेशन का जाम पुलिस चौराहे की अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था और सीडीओ आवास के पास पटरियों पर कब्जा यात्रा को और कठिन बना देता है।
इसके अलावा आनंद भवन के पास लगने वाला जाम ओवरब्रिज पार करने के बाद रेलवे क्रासिंग पर रुकावट और एफसीआइ परिसर के पास ट्रकों का जमावड़ा वाहनों की गति को काफी धीमा कर देता है। रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए ये रुकावटें समय की बर्बादी के साथ मानसिक तनाव का कारण भी बनती हैं। नए फोरलेन के निर्माण से इन सभी बाधाओं से राहत मिलने की संभावना है और देवा तक का सफर अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियर पिछले लगभग छह महीने से इस परियोजना पर कार्य कर रहे हैं। पहले विकल्प में अयोध्या लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सफेदाबाद से गदिया मुबारकपुर मोहम्मदपुर होते हुए ग्वारी रोड को पार कर देवा रोड तक फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है। वहीं दूसरे विकल्प में किसान पथ और रिंग रोड से सीधे देवा की ओर नया हाईवे विकसित करने की योजना है। दोनों ही मार्गों की तकनीकी व्यवहार्यता यातायात दबाव भूमि उपलब्धता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर राजकुमार पिथौरिया के अनुसार प्रस्तावित हाईवे को लेकर विस्तृत मंथन चल रहा है। दोनों संभावित मार्गों पर सर्वे कराया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कौन सा विकल्प अधिक उपयुक्त और टिकाऊ है। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा और इसके बाद कार्ययोजना तैयार कर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है तो लखनऊ देवा और सीतापुर के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी।
