मथुरा में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल आबकारी विभाग के सिपाही के इलाज को लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सदर बाजार थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार मोटरसाइकिल की टक्कर से आबकारी सिपाही अभिराज बुरी तरह घायल हो गए। हादसे के बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन वहां इलाज में भारी लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना ने न केवल सड़क सुरक्षा बल्कि सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी चिंता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार आबकारी सिपाही अभिराज अपने कार्यालय से बाहर निकल रहे थे। उसी दौरान एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि सिपाही सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग और कार्यालय के सहकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें संभालते हुए तत्काल जिला अस्पताल ले गए। इस बीच बाइक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
घायल सिपाही के साथ मौजूद उनके साथी राजेश शर्मा ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने सिटी स्कैन और एक्स रे कराने की सलाह दी लेकिन इसके बावजूद घायल सिपाही को लंबे समय तक स्ट्रेचर पर ही छोड़ दिया गया। आरोप है कि न तो समय पर डॉक्टर मौजूद थे और न ही कोई स्वास्थ्यकर्मी घायल की स्थिति पर ध्यान दे रहा था। इस दौरान सिपाही दर्द से कराहते रहे लेकिन उन्हें तत्काल जरूरी उपचार नहीं मिल सका।
राजेश शर्मा ने कहा कि यह लापरवाही बेहद गंभीर है और सीधे तौर पर एक घायल कर्मचारी की जान के साथ खिलवाड़ है। उनका आरोप है कि अगर समय रहते सही इलाज नहीं मिलता तो घायल की स्थिति और बिगड़ सकती थी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की उदासीनता आम होती जा रही है जो बेहद चिंताजनक है। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात भी कही गई है।
उधर पुलिस ने हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया है और फरार बाइक चालक की पहचान करने में जुटी है। आसपास लगे कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यह घटना मथुरा में न केवल तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे को उजागर करती है बल्कि आपात स्थिति में सरकारी अस्पतालों में मिलने वाले इलाज की हकीकत भी सा
