वाराणसी में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई उस समय देखने को मिली जब भेलूपुर और लंका थाना पुलिस ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड के साथ संयुक्त रूप से बिरला हॉस्टल में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। इस कार्रवाई के दौरान हॉस्टल के सभी ब्लॉकों और कमरों की गहन जांच की गई। अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई और छात्रों व कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल रहा।
पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की संयुक्त टीम ने तलाशी के दौरान हॉस्टल में रह रहे छात्रों के कमरों की बारीकी से जांच की। जांच पूरी होने के बाद कुल ग्यारह कमरों को सील कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार इन कमरों से जुड़े मामलों में संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका जिसके चलते यह कदम उठाया गया। अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में हॉस्टल में अवैध रूप से बाहरी लोगों के रहने और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि हॉस्टल परिसर में केवल अधिकृत छात्रों का ही निवास स्वीकार्य है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई और छात्रों से सहयोग की अपील की। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की संयुक्त कार्रवाई से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सर्च ऑपरेशन पूरी तरह योजनाबद्ध था और इसका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं बल्कि परिसर में अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जांच प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है और जरूरत पड़ने पर अन्य छात्रावासों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी भरोसा दिलाया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह कार्रवाई वाराणसी पुलिस और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का संकेत मानी जा रही है जिससे भविष्य में परिसर में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा।
