वाराणसी के राजातालाब में हजारों ग्रामीण महिलाओं का प्रदर्शन, शराबबंदी और महिला सुरक्षा को लेकर उठी आवाज
वाराणसी जनपद के राजातालाब क्षेत्र में मंगलवार को घरेलू हिंसा, लैंगिक भेदभाव और यौन उत्पीड़न के खिलाफ हजारों ग्रामीण महिलाएं सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने प्रदेश में शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। राजातालाब बाजार से तहसील तक निकाली गई जनआक्रोश रैली में महिलाओं और किशोरियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
यह महिला महापंचायत घरेलू कामगार महिला स्वयं सहायता समूह, किशोरी संगठन, लोक समिति, दिहाड़ी मजदूर संगठन और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई थी। आयोजन में आराजी लाइन और सेवापुरी ब्लॉक के लगभग 80 गांवों से करीब तीन हजार महिलाएं शामिल हुईं। बड़ी संख्या में महिलाएं ढोल नगाड़ों, बैनरों और तख्तियों के साथ रैली में शामिल हुईं और विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
राजातालाब बाजार से तहसील तक निकली जनआक्रोश रैली
महिलाओं ने राजातालाब बाजार से तहसील परिसर तक विशाल रैली निकाली। हजारों महिलाओं के एक साथ सड़कों पर उतरने से कुछ समय के लिए जीटी रोड पर जाम की स्थिति भी बन गई। रैली के दौरान महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए समाज में बढ़ रही हिंसा और भेदभाव के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
रैली में महिलाओं और लड़कियों ने चुप नहीं रहना है हिंसा नहीं सहना है, महिला हिंसा बंद करो, छेड़खानी पर रोक लगाओ, शराब बेचना बंद करो, हर हाथ को काम दो काम का पूरा दाम दो, भीख नहीं अधिकार चाहिए जीने का सम्मान चाहिए और भेदभाव मिटाएंगे नया समाज बनाएंगे जैसे नारे लगाए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया 13 सूत्रीय ज्ञापन
तहसील पहुंचने के बाद महिलाओं ने शराब बिक्री, महिला हिंसा, बाल विवाह और सामाजिक असमानता के मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित 13 सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी शांतुन कुमार सिनसिनवार को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से महिलाओं ने शराबबंदी लागू करने, महिला सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने और सामाजिक भेदभाव खत्म करने की मांग की।
महिला महा सम्मेलन में उठे सामाजिक मुद्दे
रैली के बाद सिंचाई विभाग के डाक बंगले में महिला हिंसा के खिलाफ महिला महा सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लोक चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही, पूनम सिंह, तनुजा मिश्रा, ग्राम प्रधान राजेंद्र पटेल तथा लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा और समाज में बराबरी सुनिश्चित करने के लिए उनकी राजनीतिक भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं संगठित होकर आवाज उठाती हैं तो सामाजिक बदलाव की प्रक्रिया तेज होती है।
सामाजिक कार्यकर्ता तनुजा मिश्रा ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को अपने अधिकारों और उनसे जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूकता के अभाव में कई बार महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित रह जाती हैं।
शराब की लत को बताया घरेलू हिंसा की बड़ी वजह
लोक चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह ने कहा कि आज गांव और शहर दोनों जगह महिलाओं और लड़कियों के साथ हिंसा, छेड़खानी और बलात्कार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं से संगठित होकर अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए आगे आने की अपील की।
महिला संगठन की संयोजिका अनीता पटेल ने कहा कि गांवों में शराब की बढ़ती लत के कारण सबसे अधिक परेशानियां महिलाओं को झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा, मारपीट और उत्पीड़न जैसी घटनाओं के पीछे शराब एक बड़ी वजह बन रही है। इसलिए प्रदेश में शराबबंदी लागू करना समय की मांग है।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अध्यक्ष मुकेश कुमार, ग्राम प्रधान संजय यादव, ग्राम प्रधान राजेंद्र पटेल, रंजू सिंह, अनीता पटेल, सरिता सोनी, रामप्रकाश मास्टर, आशा, मधुबाला, शबनम, पूनम, शर्मिला, मुकेश प्रधान, प्रेमा, चंद्रकला, ममता, कुसुम, पूजा, सितारा, सुमन, प्रीति, नीतू, सुषमा, सरोज, नंदलाल मास्टर, राजेश, अमित, पूनम सिंह, श्यामसुंदर, रामबचन और सुनील सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और ग्रामीण उपस्थित रहे।
धरने का नेतृत्व नंदलाल मास्टर ने किया। कार्यक्रम का संचालन आशा राय और सोनी ने किया, जबकि अध्यक्षता अनीता ने की और अंत में धन्यवाद ज्ञापन मनीषा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
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