वाराणसी एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, थाईलैंड से आए तीन यात्रियों के पास से 25 किलो गांजा बरामद
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय उड़ान से आए तीन यात्रियों के पास से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। कस्टम अधिकारियों ने यात्रियों के बैग से करीब 25 किलो 200 ग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एयर इंडिया एक्सप्रेस की विमान संख्या आईएक्स 216 रविवार देर रात बैंकाक से वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची थी। विमान के उतरने के बाद कस्टम विभाग के अधिकारियों ने नियमित प्रक्रिया के तहत यात्रियों की जांच शुरू की। इसी दौरान अधिकारियों को तीन यात्रियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद उनकी विस्तृत तलाशी ली गई।
बैग की जांच में मिले गांजे के पैकेट
कस्टम अधिकारियों द्वारा जब संदिग्ध यात्रियों के बैग की जांच की गई तो उसमें सील बंद पारदर्शी कार्टून में कई पैकेट मिले। अधिकारियों ने बताया कि कुल 12 पैकेट बरामद हुए, जिनमें लगभग 25 किलो 200 ग्राम गांजा रखा हुआ था। बरामद सामग्री को तत्काल जब्त कर लिया गया और यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह विशेष किस्म का गांजा है, जो आमतौर पर जलयुक्त क्षेत्रों में उगाया जाता है और इसकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक होती है। अधिकारियों के अनुसार बड़े महानगरों में इसकी तस्करी की जाती है, जहां इसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपये प्रति किलो तक पहुंच जाती है।
गुजरात के रहने वाले हैं आरोपी
कस्टम विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान हिमराज रामसिंग सुंदर निवासी जुनागढ़ जिला गुजरात, राज कांतिलाल चौहान निवासी केशोद जिला जुनागढ़ गुजरात और हीनाबेन भारदा निवासी वडोदरा गुजरात के रूप में हुई है। तीनों यात्री बैंकाक से वाराणसी पहुंचे थे और अपने साथ अलग अलग पैकेटों में मादक पदार्थ छिपाकर लाए थे।
अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह आशंका जताई जा रही है कि गांजे की यह खेप देश के बड़े शहरों में सप्लाई करने के उद्देश्य से लाई जा रही थी। कस्टम विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा नेटवर्क सक्रिय है और इसमें अन्य कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
कस्टम विभाग ने तीनों आरोपितों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट यानी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बरामद गांजे को विधिक प्रक्रिया के तहत सीज कर लिया गया है और आरोपितों को न्यायालय में प्रस्तुत कर चालान की कार्रवाई की गई है।
अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए लगातार जांच और तलाशी अभियान चलाया जाता है, ताकि किसी भी तरह की अवैध तस्करी को रोका जा सके।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी एजेंसियां
कस्टम विभाग अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद गांजे की खेप काफी बड़ी है और इससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपितों को यह खेप किसने दी और इसे देश के किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।
कस्टम अधिकारियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से आने वाले यात्रियों की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाती। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।
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