कानपुर देहात में गैस सिलेंडर की किल्लत से हाहाकार, झींझक में पुलिस की मौजूदगी में वितरण, रसूलाबाद में कारोबार प्रभावित
कानपुर देहात जनपद में इन दिनों घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत ने आम लोगों से लेकर कारोबारियों तक की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। झींझक क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं, रसूलाबाद क्षेत्र में कमर्शियल गैस की कमी के चलते छोटे होटल और मिष्ठान दुकानदारों का कारोबार ठप होने की कगार पर पहुंच गया है।
झींझक में सिलेंडर के लिए लगी लंबी कतारें
शनिवार सुबह झींझक स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर जैसे ही गैस वितरण शुरू हुआ, बड़ी संख्या में उपभोक्ता सिलेंडर लेने के लिए पहुंच गए। देखते ही देखते एजेंसी परिसर में लंबी कतारें लग गईं और भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था फैलने लगी। धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे हालात बिगड़ गए।
पुलिस ने संभाली व्यवस्था
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। चौकी प्रभारी झींझक उमेश शर्मा मौके पर पहुंचे और उपभोक्ताओं को समझाकर लाइन में लगवाया। पुलिस की मौजूदगी में गैस सिलेंडरों का वितरण व्यवस्थित तरीके से कराया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
45 दिन की बुकिंग से बढ़ी परेशानी
उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग के बाद 45 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे घरों में भारी परेशानी हो रही है। जिन परिवारों में सदस्यों की संख्या अधिक है, उनका सिलेंडर एक महीने में ही खत्म हो जाता है। ऐसे में लंबा इंतजार उनके लिए मुश्किल बन गया है।
एजेंसी का दावा: स्टॉक पर्याप्त
इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक कुंवर सिंह ने बताया कि उनके पास लगभग 200 गैस सिलेंडर का स्टॉक उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे ऑनलाइन बुकिंग करें, जिससे होम डिलीवरी के माध्यम से सिलेंडर सीधे उनके घर पहुंचाया जा सके।
अन्य कस्बों में भी दिखा असर
अकबरपुर, रूरा, सिकंदरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सुबह से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। कुछ उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल गया, जबकि कई लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
रसूलाबाद में कमर्शियल गैस संकट
दूसरी ओर, रसूलाबाद क्षेत्र में कमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। तिश्ती, बिरहुन, असालतगंज, उसरी, बिल्हा, दया दशहरा और कहिंजरी समेत कई इलाकों में गैस आपूर्ति बाधित होने से होटल और मिठाई की दुकानों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
दुकानदार लकड़ी का सहारा लेने को मजबूर
गैस की कमी के चलते कई छोटे होटल और नाश्ते की दुकानें बंद होने की कगार पर हैं। कुछ दुकानदार मजबूरी में लकड़ी की भट्ठी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे उनका काम धीमा और महंगा हो गया है। धुएं के कारण काम करना भी मुश्किल हो रहा है, जिससे कारीगरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कारोबारियों को हो रहा भारी नुकसान
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उनका पूरा कामकाज प्रभावित हो गया है। कई दुकानों को सीमित समय के लिए ही खोलना पड़ रहा है, जिससे आय में भारी गिरावट आई है।
समाधान की मांग तेज
इस संकट को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि गैस आपूर्ति को नियमित किया जाए और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए ताकि आम जनता और कारोबारियों को राहत मिल सके।
कानपुर देहात में गैस सिलेंडर की यह किल्लत न केवल घरेलू जीवन को प्रभावित कर रही है, बल्कि छोटे व्यवसायों के लिए भी गंभीर संकट बनती जा रही है। प्रशासन के लिए यह आवश्यक हो गया है कि वह जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले।
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