कैंट विधानसभा में जनविश्वास की नई मिसाल विधायक सौरभ श्रीवास्तव की जनसुनवाई बनी उम्मीदों का सशक्त मंच
वाराणसी: जन-प्रतिनिधित्व की वास्तविक परिभाषा तब साकार होती है, जब जनता की आवाज सीधे सत्ता के दरवाजे तक पहुंचे और उसका समाधान भी उतनी ही तत्परता से हो। वाराणसी कैंट विधानसभा में यह तस्वीर हर बुधवार को जीवंत होती है, जब क्षेत्र के कर्मठ और ऊर्जावान विधायक सौरभ श्रीवास्तव अपने संसदीय जनसंपर्क कार्यालय गुरुधाम में जनसुनवाई के माध्यम से जनता से सीधा संवाद स्थापित करते हैं। इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को आयोजित जनसुनवाई एक बार फिर जनसेवा, संवेदनशीलता और सक्रिय प्रशासनिक समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आई।
आज प्रातः 11 बजे से शुरू होकर अपराह्न 4:30 बजे तक निरंतर चली इस जनसुनवाई में क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। किसी के लिए यह मंच न्याय की उम्मीद था तो किसी के लिए प्रशासनिक जटिलताओं से राहत पाने का भरोसेमंद माध्यम। विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने हर फरियादी की बात गंभीरता से सुनी, उनकी समस्याओं को समझा और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से संवाद स्थापित कर त्वरित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।
गंभीर मामलों पर त्वरित संज्ञान और कार्रवाई
जनसुनवाई के दौरान सामने आए मामलों में जेपीएस नगर ककरमत्ता निवासी भक्ति शेखर मलिक की समस्या विशेष रूप से गंभीर थी, जहां उनके घर के ऊपर से गुजर रहा बंद पड़ा हाईटेंशन बिजली का तार संभावित दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा था। इस संवेदनशील मुद्दे को विधायक ने तत्काल संज्ञान में लेते हुए अधीक्षण अभियंता से वार्ता की और तार को शीघ्र हटाने व व्यवस्थित करने के स्पष्ट निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इसी प्रकार एक भावनात्मक और मानवीय पहलू उस समय सामने आया जब प्रणव कुमार सिन्हा ने अपनी पुत्री ईशा सिन्हा के चिकित्सकीय आधार पर सोनभद्र से वाराणसी के केंद्रीय विद्यालय में स्थानांतरण की गुहार लगाई। विधायक ने इस मामले को केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए संबंधित अधिकारी से सीधे बात की और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी सख्त रुख
नगवां निवासी संदीप गुप्ता का मामला कानून व्यवस्था से जुड़ा हुआ था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष ने अवैध रूप से उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस पर विधायक ने बिना देर किए थानाध्यक्ष मंडुआडीह को निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जनहित और न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़ती।
68 मामलों की सुनवाई से दिखी सक्रियता
इस दिन कुल लगभग 68 मामलों की सुनवाई की गई, जो न केवल संख्या में बल्कि गंभीरता और विविधता में भी महत्वपूर्ण रहे। हर मामले में विधायक की सक्रियता, तत्परता और समाधान की स्पष्ट दिशा ने लोगों के मन में विश्वास को और मजबूत किया। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में आए लोगों ने अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर संतोष भी जताया।
टीम वर्क ने बनाया आयोजन को सफल
जनसुनवाई के दौरान विधायक के साथ सहयोगी के रूप में कुशाग्र श्रीवास्तव, अभिषेक, शिवांग और रितिक मिश्रा भी उपस्थित रहे, जिन्होंने व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रिय भागीदारी के चलते कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हुआ और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित की जा सकी।
जनता और जनप्रतिनिधि के बीच मजबूत होता विश्वास
विधायक सौरभ श्रीवास्तव की यह जनसुनवाई केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का जीवंत उदाहरण बन चुकी है। यह पहल न केवल प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि जब नेतृत्व समर्पित और संवेदनशील हो तो हर समस्या का समाधान संभव है और हर नागरिक की आवाज सुनी जा सकती है।
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