चकिया पुलिस की बड़ी कामयाबी 50 हजार का इनामी गो तस्कर गिरफ्तार, भागने की फिराक में दबोचा गया
चंदौली: चकिया पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब आरोपी भागने की फिराक में था और इलाके से निकलने की तैयारी कर रहा था। पुलिस की सतर्कता और योजनाबद्ध रणनीति के चलते आरोपी को मौके पर ही घेरकर पकड़ लिया गया। इस सफलता को पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि आरोपी की काफी समय से तलाश की जा रही थी और वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त रंजीत उम्र लगभग 35 वर्ष गो तस्करी के एक संगठित नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वह मूल रूप से मिर्जापुर जिले के कछवा थाना क्षेत्र के हीरापुर गोरही गांव का निवासी है। बीते कुछ समय से वह वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मिल्कीपुर इलाके में रहकर अपनी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं जिनकी गंभीरता को देखते हुए 10 फरवरी 2026 को उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
विशेष चेकिंग अभियान में मिली सफलता
चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयासरत थी और उसकी गतिविधियों पर गुप्त रूप से नजर रखी जा रही थी। इसी क्रम में 5 मई 2026 को चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि वांछित अभियुक्त अमरा दक्षिणी क्षेत्र में आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और रणनीतिक तरीके से जाल बिछाया ताकि आरोपी को किसी भी स्थिति में भागने का मौका न मिल सके।
शाम लगभग 7 बजे जैसे ही आरोपी निर्धारित स्थान पर पहुंचा पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की लेकिन पहले से तैयार पुलिस टीम ने उसे चारों ओर से घेर लिया और कुछ ही समय में दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लेकर थाने लाया गया जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
नेटवर्क के खुलासे की संभावना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रंजीत से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि गो तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि आरोपी अकेले काम नहीं करता था बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा था जो विभिन्न जिलों में सक्रिय रहा है। पुलिस अब उसके संपर्कों और गतिविधियों की विस्तार से जांच कर रही है ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों को भी चिन्हित कर कार्रवाई की जा सके।
कानूनी कार्रवाई और आगे की रणनीति
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास को खंगालते हुए अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है जिनमें उसकी संलिप्तता सामने आ सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
कानून व्यवस्था पर सकारात्मक असर की उम्मीद
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अपराधियों के मनोबल पर असर पड़ेगा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराध नियंत्रण के लिए इसी तरह की सतर्कता और सख्ती आगे भी जारी रखी जाएगी ताकि आम जनता को सुरक्षित वातावरण मिल सके और जिले में शांति व्यवस्था कायम रह सके।
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