स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप पांच की तैयारी वाराणसी में सख्ती के साथ जनभागीदारी पर जोर
वाराणसी: नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण में देश के शीर्ष पांच शहरों में स्थान बनाने के लक्ष्य को लेकर अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। शहर की साफ सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर जहां सख्ती बढ़ाई जा रही है वहीं आम नागरिकों की भागीदारी को भी प्राथमिकता दी जा रही है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने एक नई पहल के तहत लोगों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाता है तो उसकी तस्वीर नगर निगम को भेजें। शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित नागरिक को पांच सौ रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देना और लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
स्मार्ट सिटी सभागार में हुई समीक्षा बैठक
शहर के विकास कार्यों और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर स्मार्ट सिटी सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई जिसमें विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के दौरान महापौर ने सड़कों के निर्माण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया। सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों में गुणवत्ता और गति को लेकर तीन इंजीनियरों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई जिससे विभाग में गंभीरता का माहौल बना है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए सख्त निर्देश
नगर आयुक्त ने साफ सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए बाजार क्षेत्रों में भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। रेस्टोरेंट मिठाई और चाट के दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है। निर्देशों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों को पहले नोटिस दिया जाएगा और इसके बाद जुर्माना लगाया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे सड़कों पर कूड़ा फैलने की समस्या में कमी आएगी और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।
गुणवत्ता और समयसीमा पर कड़ा रुख
बैठक में विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए महापौर ने अधिकारियों और ठेकेदारों को चेतावनी दी कि कार्यों में देरी या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिगरा क्षेत्र में सड़क निर्माण में पाई गई खामियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अवर अभियंता सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता की जिम्मेदारी तय कर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही लगातार लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई है।
सीएम ग्रिड योजना के तहत कार्यों की समयसीमा तय
सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घंटी मिल सहित अन्य प्रमुख सड़कों का निर्माण कार्य हर हाल में तीस मई तक पूरा किया जाए। हालांकि औरंगाबाद रोड के कार्य के जून तक पूरा होने की संभावना जताई गई है। महापौर ने कहा कि समयसीमा और गुणवत्ता दोनों का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
लंबित कार्यों पर भी कार्रवाई की तैयारी
वर्ष दो हजार तेईस में टेंडर जारी होने के बावजूद शुरू न हो सके बाइस कार्यों को भी गंभीरता से लिया गया है। संबंधित फर्मों और ठेकेदारों को चिन्हित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह भी तय किया गया है कि अब हर शुक्रवार और शनिवार को लॉटरी प्रणाली के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
जनभागीदारी से बनेगा स्वच्छ शहर
नगर निगम की इस नई रणनीति में जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से स्वच्छता का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता जब तक आम नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे। नगर आयुक्त की पहल से लोगों में जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है और इससे स्वच्छता अभियान को गति मिलेगी।
पृष्ठभूमि और व्यापक महत्व
वाराणसी पहले भी स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करता रहा है और अब लक्ष्य इसे शीर्ष पांच शहरों में शामिल करना है। इसके लिए नगर निगम ने सख्त निगरानी के साथ साथ जनसहभागिता को बढ़ावा देने की रणनीति अपनाई है। यह पहल न केवल शहर की छवि सुधारने में मदद करेगी बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी।
समग्र रूप से देखा जाए तो प्रशासन की सख्ती और जनता की भागीदारी का यह संयोजन वाराणसी को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। आने वाले समय में इन प्रयासों का प्रभाव शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ तौर पर दिखाई देने की उम्मीद है।
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