वाराणसी में जनसुनवाई का प्रभावशाली मॉडल विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने एक ही दिन में दर्जनों समस्याओं का कराया समाधान
वाराणसी: कैंट विधानसभा क्षेत्र में जनसुनवाई की एक सक्रिय और प्रभावी व्यवस्था देखने को मिली जब विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने गुरुधाम स्थित संसदीय जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं का समाधान कराया। हर बुधवार की तरह इस बार भी सुबह ग्यारह बजे से शुरू होकर शाम तक चली इस प्रक्रिया में व्यक्तिगत सामाजिक और क्षेत्रीय स्तर की कई शिकायतें सामने आईं। जनसुनवाई में लोगों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह मंच अब स्थानीय नागरिकों के लिए भरोसे का केंद्र बन चुका है।
सुबह से शाम तक चला समाधान का सिलसिला
जनसुनवाई के दौरान विधायक ने प्रत्येक प्रार्थी की बात को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की पहल की। इस दौरान उनकी कार्यशैली में संवेदनशीलता और प्रशासनिक सख्ती दोनों का संतुलन देखने को मिला। नागरिकों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं जिनमें आवास विकास स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे।
विकास प्राधिकरण से जुड़ी शिकायत पर त्वरित संज्ञान
कौशलेश नगर कॉलोनी सुंदरपुर के एक निवासी ने वाराणसी विकास प्राधिकरण से संबंधित एक गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कॉलोनी विधिवत स्वीकृत होने के बावजूद कम्युनिटी सेंटर के लिए निर्धारित भूमि अब तक खाली पड़ी है जबकि स्कूल के लिए चिन्हित भूमि को स्वीकृति लेकर बेच दिया गया है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पर्यटन विभाग पर दबाव बनाने के आरोप
जनसुनवाई के दौरान आमोद दत्त शास्त्री ने पर्यटन विभाग पर आरोप लगाया कि पेइंग गेस्ट हाउस संचालकों को जबरन होम स्टे में परिवर्तित करने का दबाव बनाया जा रहा है। विधायक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक निदेशक पर्यटन को निर्देश दिया कि विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार का अनुचित दबाव न बनाया जाए और नियमों के अनुसार कार्य सुनिश्चित किया जाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में त्रुटि का मामला
तुलसीपुर निवासी मीना देवी ने अपने पति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तिथि संबंधी गंभीर त्रुटि की शिकायत दर्ज कराई। उनके अनुसार पोस्टमार्टम नौ मार्च को हुआ था जबकि प्रमाण पत्र में पांच मार्च अंकित किया गया है। इस मामले में विधायक ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल सुधार कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा से जुड़ा संवेदनशील मामला
सिगरा क्षेत्र से आई एक शिकायत ने जनसुनवाई को गंभीर मोड़ दिया। सरिता तिवारी ने एक व्यक्ति पर फर्जी पहचान के जरिए धोखाधड़ी मारपीट और दुष्कर्म जैसे आरोप लगाए। विधायक ने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करते हुए संबंधित थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इस कदम से यह स्पष्ट हुआ कि महिला सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
प्रभावी संचालन में टीम की भूमिका
जनसुनवाई को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने में कुशाग्र श्रीवास्तव अभिषेक और रजनीश पाठक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सक्रिय उपस्थिति के कारण पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और सुचारु रूप से संपन्न हुई जिससे लोगों को अपनी समस्याएं रखने में आसानी हुई।
जनप्रतिनिधित्व का मजबूत उदाहरण
इस जनसुनवाई के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि विधायक केवल शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं हैं बल्कि उनके समाधान के लिए भी तत्पर हैं। उनकी सक्रियता और त्वरित निर्णय क्षमता ने क्षेत्र के लोगों में विश्वास को मजबूत किया है। नागरिकों ने भी इस पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद मिलती है।
पृष्ठभूमि और व्यापक महत्व
वाराणसी में जनसुनवाई की यह व्यवस्था लंबे समय से जारी है जिसका उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। इस तरह की पहलें न केवल स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायक होती हैं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को भी मजबूत करती हैं।
समग्र रूप से देखा जाए तो यह जनसुनवाई केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं बल्कि जवाबदेही और जनसेवा का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आई है। इससे यह संकेत मिलता है कि जमीनी स्तर पर सक्रियता और संवेदनशील नेतृत्व के जरिए शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।
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