बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। पताही थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के अंदर सो रही एक ग्रेजुएशन की छात्रा पर एसिड अटैक किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई है। घायल छात्रा का इलाज मोतिहारी के एक निजी नर्सिंग होम में चल रहा है, जहां चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर लेकिन फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह रात के समय अपनी मां के साथ घर में सो रही थी। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने चुपचाप दरवाजा खोला और अंदर घुसकर लाइट बंद कर दी। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, हमलावर ने उसके चेहरे पर एसिड फेंक दिया। तेज जलन के कारण वह चीख पड़ी और उसकी मां की नींद खुल गई, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। घटना के बाद घबराए परिजन तुरंत उसे इलाज के लिए मोतिहारी ले गए।
मामले की जानकारी तब सामने आई जब इलाज कर रहे डॉक्टर ने इसकी गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल छात्रा से पूछताछ की। बयान में छात्रा ने आरोप लगाया कि यह हमला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। उसने अपने चाचा के मामा के बेटे प्रियांशु को इस वारदात के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
पीड़िता के अनुसार प्रियांशु लंबे समय से उस पर बातचीत का दबाव बना रहा था और लगातार संदेश भेजता था। उसने कई बार साफ तौर पर बात करने से मना किया, लेकिन दबाव के कारण कुछ समय तक बातचीत हुई। बाद में जब छात्रा ने पूरी तरह दूरी बना ली तो आरोपी नाराज हो गया और बदले की भावना से इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। छात्रा का कहना है कि यही कारण है कि उसने सोते समय उस पर हमला किया।
पुलिस के मुताबिक पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पताही थाना पुलिस की टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह एक गंभीर अपराध है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। इस घटना के बाद स्थानीय लोग भी पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।
