आगरा: एक दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। संजय प्लेस स्थित एक निजी कंपनी में एचआर मैनेजर के पद पर कार्यरत मिंकी शर्मा (25) की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात प्रेम संबंध, गहराते शक और मानसिक तनाव की खतरनाक परिणति साबित हुई। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी प्रेमी विनय राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, मिंकी पिछले चार वर्षों से कंपनी में एचआर थीं, जबकि विनय दो साल पहले वहां नौकरी पर आया था। यहीं दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध स्थापित हो गए। जाति अलग होने के बावजूद मिंकी विनय से शादी करना चाहती थीं और विनय भी इसके लिए तैयार था। दोनों के परिवारों में भी आना-जाना शुरू हो चुका था। मिंकी के भाई दीपक से भी विनय की अच्छी दोस्ती हो गई थी। बाहर से सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर शक और असुरक्षा ने विनय के मन में जहर घोल दिया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि बीते छह महीनों से विनय को मिंकी के व्यवहार पर शक होने लगा था। वह अक्सर फोन पर बात करती थीं और पूछने पर कहती थीं कि ऑफिस का काम है। इसी दौरान मिंकी ने विनय से रुपयों की मांग भी की थी, यह कहते हुए कि भाई की शादी है और पैसों की जरूरत है। विनय रुपये देना नहीं चाहता था। उसे यह भी लगता था कि मिंकी उसे छोड़कर किसी और से शादी कर सकती हैं, जबकि वह खुद नौकरी छोड़ना चाहता था और मिंकी इसके खिलाफ थीं। इन बातों को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया।
शक और गुस्से में डूबे विनय ने कुछ दिन पहले एक चाकू खरीद लिया था। घटना वाले दिन जब मिंकी ऑफिस पहुंचीं तो फिर झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। गुस्से में आकर विनय ने मिंकी की हत्या कर दी। हत्या के बाद वह काफी देर तक शव के पास बैठा रहा और फिर उसे ठिकाने लगाने की साजिश रचने लगा। उसने ‘दृश्यम-2’ जैसी फिल्मों और क्राइम सीरियल्स से मिली जानकारी के आधार पर अपराध को छिपाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहचान छिपाने के इरादे से शव को क्षत-विक्षत किया। सिर को धड़ से अलग कर दिया गया ताकि पहचान न हो सके। शव को पॉलिथीन और बोरे में पैक करने के लिए उसने पैरों की हड्डियों तक पर चाकू चलाया। इसके बाद देर रात करीब 11 बजे, जब ऑफिस के बाहर आवाजाही कम हो गई, वह बोरा खींचते हुए लिफ्ट तक लाया। भूतल पर पहुंचकर मिंकी की स्कूटी पर बोरा रखा और शहर की सड़कों पर निकल पड़ा।
विनय पहले सिकंदरा की ओर जाने लगा, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण वापस भगवान टॉकीज की तरफ मुड़ गया। जवाहर पुल पर यमुना में बोरा फेंकने की कोशिश की, लेकिन रेलिंग तक बोरा उठाना मुश्किल हो गया। राहगीरों की आवाजाही देख उसे पकड़े जाने का डर सताने लगा और वह बोरा वहीं छोड़कर फरार हो गया। बाद में दोस्त की मदद से कपड़े बदलकर घर पहुंचा।
23 जनवरी की रात करीब एक बजे थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के जवाहर पुल पर बोरे में बंद सिर कटा शव मिलने से हड़कंप मच गया। शिनाख्त पार्वती विहार, टेढ़ी बगिया निवासी मिंकी शर्मा के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कपड़े, स्कूटी और मोबाइल फोन समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए गए। ऑफिस में खून के निशान मिटाने की कोशिश के बावजूद फॉरेंसिक जांच में पुख्ता सबूत मिले। डीवीआर को भी कब्जे में ले लिया गया है। देर रात तक पुलिस झरना नाले में सिर की बरामदगी के प्रयास में जुटी रही।
पूछताछ के दौरान आरोपी विनय पुलिस के सामने पछतावे का नाटक करता रहा। उसने कहा कि वह मिंकी के बिना जी नहीं पाएगा और खुद भी मरना चाहता है, लेकिन पुलिस उसके बयानों पर भरोसा नहीं कर रही। जांच अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई, उससे साफ है कि वह बचने की कोशिश कर रहा था।
वहीं, आरोपी के परिजनों ने हत्या के कारणों को लेकर अनभिज्ञता जताई है। विनय के पिता अनार सिंह पिछले डेढ़ साल से लकवाग्रस्त हैं और घर पर ही रहते हैं। छोटा भाई सौरभ पढ़ाई करता है। परिवार का कहना है कि मिंकी शादी करना चाहती थीं और विनय भी इसके लिए तैयार था, लेकिन दोनों के बीच क्या हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई।
यह हत्याकांड न सिर्फ एक युवती की नृशंस हत्या की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाता है कि शक, असुरक्षा और गुस्से का मेल किस तरह रिश्तों को तबाह कर देता है। आगरा की इस घटना ने समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्रेम जब भरोसे से टूटता है, तो उसका अंजाम कितना भयावह हो सकता है।
