अहरौरा साइबर टीम की कार्रवाई: WhatsApp शादी निमंत्रण ठगी में पीड़ित को 1,04,997 रुपये वापस

4 Min Read
तकनीकी जांच और बैंक समन्वय से पीड़ित को ठगी की पूरी रकम वापस मिली।

अहरौरा साइबर टीम की प्रभावी कार्रवाई, व्हाट्सएप निमंत्रण ठगी के शिकार पीड़ित को 104997 रुपये वापस

मीरजापुर पुलिस ने साइबर अपराध के एक मामले में सराहनीय कार्य करते हुए पीड़ित को उसकी पूरी ठगी गई धनराशि वापस दिलाई है। थाना अहरौरा की साइबर टीम द्वारा की गई त्वरित और तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप व्हाट्सएप पर भेजे गए फर्जी शादी निमंत्रण के जरिए हुई ठगी की रकम 104997 रुपये पीड़ित के खाते में सुरक्षित रूप से वापस कराई गई। यह कार्रवाई पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन और क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विनोद कुमार पुत्र सुरेश कुमार निवासी टिकरा खडण्जा थाना अहरौरा जनपद मीरजापुर ने दिनांक 08 अगस्त 2025 को थाना अहरौरा की साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा शादी का निमंत्रण पत्र भेजा गया था। जैसे ही उन्होंने उस निमंत्रण कार्ड को खोला मोबाइल पर एक स्कैनर खुल गया और कुछ ही क्षणों बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। जब मोबाइल दोबारा चालू हुआ तो खाते से लगातार धनराशि कटने के संदेश आने लगे और कुल 104997 रुपये खाते से डेबिट हो गए। इस घटना के संबंध में पीड़ित द्वारा एनसीआरपी पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी।

शिकायत प्राप्त होते ही थाना अहरौरा की साइबर सेल टीम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रारंभ की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग समन्वय के माध्यम से साइबर टीम ने ठगी गई पूरी राशि को ट्रेस किया और संबंधित प्रक्रिया पूरी करते हुए पीड़ित के खाते में धनराशि वापस कराई। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित विनोद कुमार थाने पर उपस्थित हुए और मीरजापुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तथा साइबर क्राइम टीम थाना अहरौरा की खुले शब्दों में प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर पीड़ित को साइबर जागरूकता अभियान के तहत ऑनलाइन ठगी के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साइबर टीम द्वारा बताया गया कि किसी भी अज्ञात लिंक फाइल या निमंत्रण को खोलने से पहले सावधानी बरतना आवश्यक है और संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए। पीड़ित ने भी यह संकल्प व्यक्त किया कि वह अन्य लोगों को इस प्रकार की साइबर ठगी से सतर्क रहने के लिए जागरूक करेंगे।

इस पूरी कार्रवाई में थाना अहरौरा के थानाध्यक्ष अजय मिश्र के साथ हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह कांस्टेबल पवन गुप्ता और महिला कांस्टेबल महिमा उपाध्याय साइबर सेल थाना अहरौरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मीरजापुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि साइबर अपराधों से बचाव के लिए सतर्क रहें और किसी भी ऑनलाइन ठगी की सूचना तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।