पटना छात्रा मौत मामला: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, मिले चोट के निशान

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Dilip Kumar
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एम्स के पास कोचिंग भवन से गिरी छात्रा के मामले में पुलिस जांच जारी है।

एम्स के पास कोचिंग भवन से गिरी छात्रा की मौत, पोस्टमार्टम में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, जांच कई पहलुओं पर जारी

एम्स के समीप स्थित एक कोचिंग भवन की सातवीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरी छात्रा की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि छात्रा के कमर और पसली के पास चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस और सीआईडी की टीम अब इन चोटों की प्रकृति, घटनास्थल की संरचना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। उधर, परिजन शुरू से ही हत्या की आशंका जता रहे हैं और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया

चिकित्सकीय जांच के अनुसार छात्रा के शरीर पर कमर और पसली के पास चोट के निशान मिले हैं। प्रारंभिक आकलन में यह संभावना जताई जा रही है कि ये चोटें गिरते समय भवन की बाहरी संरचना से टकराने के कारण आई होंगी। बताया गया है कि भवन की पांचवीं मंजिल पर छज्जे से पानी नीचे न आए, इसके लिए लोहे का एंगल लगाया गया था। जांच टीम का मानना है कि गिरते समय छात्रा का शरीर इन लोहे के एंगल से टकराया हो सकता है, जिससे ये निशान बने हों।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के संकेत नहीं पाए गए हैं। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष फोरेंसिक और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के समेकित विश्लेषण के बाद ही सामने आएगा।

रेलिंग की ऊंचाई और आत्महत्या पर सवाल

जिस छत से छात्रा नीचे गिरी, वहां चार से पांच फीट ऊंची रेलिंग लगी हुई है। छात्रा की लंबाई भी करीब पांच फीट बताई जा रही है। ऐसे में बिना किसी सहारे इतनी ऊंची रेलिंग पार कर स्वयं कूदना संभव है या नहीं, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य व्यक्ति के लिए भी इतनी ऊंची चारदीवारी पार करना आसान नहीं है।

छात्रा के पिता का आरोप है कि उनकी बेटी स्वयं इतनी ऊंची रेलिंग पार कर कूद नहीं सकती थी। उन्होंने आशंका जताई है कि छात्रा के साथ गलत हरकत की कोशिश की गई और विरोध करने पर उसे नीचे फेंक दिया गया। इस संबंध में थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिसमें हत्या की आशंका व्यक्त की गई है।

छत पर शराब की बोतलें मिलने से बढ़ी शंका

शनिवार को सीआईडी टीम और छात्रा के पिता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान छत पर शराब के टेट्रा पैक, बोतलें और अन्य संदिग्ध सामान बिखरा मिला। इससे घटना से पहले छत पर असामाजिक गतिविधियों की आशंका और गहरा गई है। पुलिस ने इन सभी वस्तुओं को जब्त कर लिया है और फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है।

भवन के विभिन्न तल की स्थिति भी जांच के दायरे में है। प्रथम तल पर कोचिंग संचालित होती थी, दूसरे तल पर शीशा पैक पाया गया, तीसरे तल पर निर्माण कार्य चल रहा था, जबकि चौथे और पांचवें तल सहित अन्य मंजिलों पर ताला बंद मिला। घटना के बाद पूरे भवन में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना से पहले और बाद में कौन-कौन लोग भवन में मौजूद थे।

प्रदर्शन और सड़क जाम का मामला

छात्रा की मौत के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। परिजन और स्थानीय लोगों ने एम्स गोलंबर के पास सड़क जाम कर दिया और आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। करीब पांच घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने भाकपा माले के पूर्व विधायक गोपाल रविदास समेत पांच लोगों को नामजद किया है, जबकि करीब पांच दर्जन अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और प्रदर्शन से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है।

जांच के सभी पहलू खुले

पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है और भवन में आने-जाने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।

क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन एक ओर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दे रहा है, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से भी जूझ रहा है। परिजन लगातार त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।