अजय राय-नाना पटोले ने काशी विश्वनाथ में किया दर्शन, मणिकर्णिका घाट मार्ग पर बढ़ी सुरक्षा

3 Min Read
काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के दौरान अजय राय और नाना पटोले; मणिकर्णिका घाट मार्ग पर अतिरिक्त पुलिस तैनात।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने बुधवार दोपहर वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। दोनों नेताओं के मंदिर पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई। धार्मिक स्थल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया।

Ajay Rai के काशी विश्वनाथ मंदिर आने की खबर मिलते ही मणिकर्णिका घाट द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस और प्रशासन को आशंका थी कि दर्शन के बाद कांग्रेस नेता मणिकर्णिका घाट की ओर जा सकते हैं। इसी कारण घाट और उससे जुड़े मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी गई और आवागमन पर भी नियंत्रण रखा गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियातन उठाया गया ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

मणिकर्णिका क्षेत्र में इन दिनों निर्माण कार्य और कॉरिडोर से जुड़े मामलों को लेकर चर्चा चल रही है। अहिल्याबाई से जुड़ी मूर्ति और निर्माण कार्य के दौरान हुई तोड़फोड़ को लेकर पहले से ही माहौल संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में कांग्रेस नेताओं के संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही रणनीति बनाकर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया। मणिकर्णिका घाट धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस दौरान Nana Patole भी अजय राय के साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक सक्रियता को बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि धार्मिक दर्शन का निजी दौरा था। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी तरह की चूक न हो इसके लिए पूरी तैयारी रखी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मणिकर्णिका क्षेत्र में एंट्री प्वाइंट पर बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यही रहा कि धार्मिक स्थल की गरिमा बनी रहे और आम श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो। स्थानीय प्रशासन ने लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

कांग्रेस नेताओं के इस दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा देखी गई। हालांकि दर्शन पूजन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी यदि कोई संवेदनशील गतिविधि होती है तो उसी तरह सतर्कता बरती जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ है कि प्रशासन धार्मिक स्थलों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पूरी तरह गंभीर और प्रतिबद्ध है।