अंबेडकरनगर में अलंकार योजना के तहत 12 विद्यालयों को मिला 1.82 करोड़ का बजट
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी अलंकार योजना के तहत अंबेडकरनगर जिले के 12 विद्यालयों के कायाकल्प के लिए एक करोड़ 82 लाख 20 हजार 745 रुपये की धनराशि शासन स्तर से जारी की गई है। इसमें तीन संस्कृत विद्यालयों को पहली बार 25-25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है जबकि तीन विद्यालयों को तृतीय किस्त और छह विद्यालयों को द्वितीय किस्त की राशि मिली है। इस योजना का मकसद जिले के उन पुराने और वित्त पोषित अशासकीय विद्यालयों का पुनरुद्धार करना है जो वर्षों से संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं।
क्या है प्रोजेक्ट अलंकार योजना
प्रदेश सरकार ने अत्यंत पुराने वित्त पोषित अशासकीय विद्यालयों के भौतिक और शैक्षिक कायाकल्प के उद्देश्य से प्रोजेक्ट अलंकार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत पूरे उत्तर प्रदेश में सैकड़ों विद्यालयों को नया रूप दिया जा रहा है। भवन निर्माण, मरम्मत, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और शिक्षण वातावरण को बेहतर बनाना इस योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं। अंबेडकरनगर जिले में भी इस योजना के तहत कई विद्यालयों में काम शुरू हो चुका है और ताजा बजट आवंटन से निर्माण कार्य में और तेजी आने की उम्मीद है।
तीन संस्कृत विद्यालयों को मिला 25-25 लाख का विशेष बजट
अलंकार योजना के तहत अंबेडकरनगर में तीन संस्कृत विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 25-25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें साहब दयाल संस्कृत विद्यालय मधुपुर मीरनपुर, भारती भवन संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजेसुलतानपुर और रामानंद संस्कृत विद्यालय भिउरा शामिल हैं। इन तीनों विद्यालयों को मिलाकर कुल 75 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है जो इन संस्कृत शिक्षा संस्थानों के ढांचागत विकास में सहायक बनेगी।
तृतीय किस्त पाने वाले विद्यालय
योजना के तहत तीन विद्यालयों को तृतीय किस्त की राशि जारी की गई है। ग्राम स्वावलंबी इंटर कालेज रनीवां को आठ लाख 92 हजार 500 रुपये, जनता इंटर कालेज फतेपुर बड़ागांव को 29 लाख 88 हजार 885 रुपये और महात्मा गोविंद साहब इंटर कालेज दुल्हूपुर को 34 लाख 800 रुपये की तृतीय किस्त शासन से जारी की गई है। इन तीनों विद्यालयों को तृतीय किस्त के रूप में कुल 72 लाख 82 हजार 185 रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है।
द्वितीय किस्त पाने वाले छह संस्कृत विद्यालय
जिले के छह विद्यालयों को द्वितीय किस्त के रूप में 34 लाख 38 हजार 560 रुपये जारी किए गए हैं। श्री भुजनगेश्वर नाथ संस्कृत उमा विद्यालय चक महादेव भुजगी को नौ लाख 50 हजार रुपये, गुरुदेव संस्कृत विद्यामंदिर परुइया आश्रम को नौ लाख 50 हजार रुपये, सनातन धर्म संस्कृत विद्यालय उदासीन आश्रम टांडा को आठ लाख 97 हजार 550 रुपये, श्री कात्यायन संस्कृत विद्यालय सेठाकला को नौ लाख 50 हजार रुपये, श्रीशाखा गुरुकुल ज्ञान प्रथा आश्रम संस्कृत विद्यालय मखदूम नगर टांडा को सात लाख 41 हजार रुपये और आयुर्वेद संस्कृत इंटर कालेज सुरहुरपुर को नौ लाख 50 हजार रुपये की द्वितीय किस्त मिली है।
अधिकारियों का बयान
अलंकार योजना के जिला समन्वयक जेके पांडेय ने बताया कि स्वीकृत बजट के साथ निर्माण कार्य तेजी से कराया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि धनराशि का सदुपयोग समय पर हो। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रवीण तिवारी ने कहा कि इन सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि योजना का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे, इसके लिए निगरानी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।
शिक्षा व्यवस्था सुधार की दिशा में अहम कदम
अंबेडकरनगर जैसे जिले में जहां ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालय वर्षों से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझते रहे हैं, वहां इस योजना के तहत मिली धनराशि एक सकारात्मक बदलाव का आधार बन सकती है। संस्कृत विद्यालयों को विशेष बजट मिलना इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि ये संस्थान न केवल प्राचीन भाषा और संस्कृति के संवाहक हैं बल्कि ग्रामीण छात्रों के लिए शिक्षा का एक प्रमुख माध्यम भी रहे हैं। बजट आवंटन के बाद अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा पर नजर रखना जरूरी होगा।
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