अंबेडकरनगर में पेट्रोल-डीजल की मांग पांच गुना बढ़ी, 15 पेट्रोल पंप हुए खाली
अंबेडकरनगर जिले में पिछले दो दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की मांग में अचानक पांच गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। हालात ऐसे हो गए हैं कि शुक्रवार तक जिले के करीब 15 पेट्रोल पंपों पर तेल पूरी तरह खत्म हो गया और वहां “नो फ्यूल” के बोर्ड लगा दिए गए।
अफवाहों से बढ़ी मांग, लंबी कतारें
बताया जा रहा है कि डीजल और पेट्रोल की कमी की अफवाह के चलते लोगों ने भारी मात्रा में तेल का भंडारण शुरू कर दिया। इसका असर यह हुआ कि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और कुछ ही घंटों में स्टॉक खत्म हो गया।
सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों के कई पेट्रोल पंप देर तक नहीं खुले। बाद में पुलिस और राजस्व विभाग के हस्तक्षेप के बाद वितरण शुरू हुआ, लेकिन तब तक भीड़ काफी बढ़ चुकी थी।
डीजल की खपत ज्यादा, कृषि कार्य प्रभावित
पेट्रोल की तुलना में डीजल की मांग अधिक देखी गई। कृषि कार्यों और व्यवसायिक वाहनों में डीजल की अधिक खपत के कारण इसका संकट ज्यादा गहरा गया।
रतनपुर के किसान शैलेंद्र वर्मा और पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि डीजल न मिलने से खेतों की जुताई और सरसों की मड़ाई प्रभावित हो रही है।
पंपों पर तय की गई लिमिट
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई पेट्रोल पंपों ने तेल वितरण पर सीमा तय कर दी। दोपहिया वाहनों को 200 रुपये और चार पहिया वाहनों को 500 रुपये तक का ही पेट्रोल दिया जा रहा है।
कुछ लोग डिब्बों में तेल भरकर भंडारण करने की कोशिश करते भी देखे गए, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
कई क्षेत्रों में पंप बंद, कुछ जगह आंशिक आपूर्ति
राष्ट्रीय राजमार्ग टांडा-बांदा मार्ग स्थित रघुनाथपुर, धनेपुर, महरुआ बाजार, नसीरपुर, भीटी, टांडा, जलालपुर, आलापुर और कटेहरी क्षेत्रों में दोपहर तक अधिकांश पेट्रोल पंपों पर तेल उपलब्ध नहीं था।
मालीपुर क्षेत्र के कुछ पंपों पर आंशिक रूप से आपूर्ति बनी रही, जबकि अन्य स्थानों पर लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
छोटे व्यवसाय भी प्रभावित
डीजल की कमी का असर छोटे व्यवसायों पर भी पड़ा है। महरुआ के आटा चक्की संचालक विपिन पाठक ने बताया कि बिजली पर निर्भर होकर काम करना पड़ रहा है और बिजली कटते ही काम ठप हो जाता है।
इंजीनियरिंग वर्कशॉप संचालक रघुवीर ने बताया कि जनरेटर न चल पाने से वेल्डिंग जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं।
जल्द सामान्य होगी स्थिति: पूर्ति विभाग
पूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अस्थायी है और अगले दो से तीन दिनों में आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक भंडारण से बचें।
प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
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