Fri, 29 Aug 2025 07:49:59 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में गुरुवार को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों और प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर मारपीट और दुर्व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में छात्र बिड़ला हॉस्टल के बाहर इकट्ठा हो गए और सड़क जाम कर दिया। धरना दे रहे छात्रों ने आरोपी सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद नरिया गेट पर उस समय शुरू हुआ जब कुछ छात्र किसी कार्य से बाहर जाकर लौट रहे थे। कैंपस में प्रवेश के दौरान उनकी सुरक्षाकर्मियों से कहासुनी हो गई। छात्रों का आरोप है कि मामूली विवाद को बढ़ाते हुए प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम में शामिल सुरक्षाकर्मियों ने न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि कुछ छात्रों के साथ हाथापाई भी की। इस घटना की खबर जैसे ही हॉस्टल तक पहुंची, बड़ी संख्या में छात्र बाहर निकल आए और विरोध स्वरूप बिड़ला हॉस्टल के पास सड़क पर बैठ गए।
धरने पर बैठे छात्रों ने साफ शब्दों में कहा कि जब तक दोषी सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी, उनका विरोध जारी रहेगा। छात्रों ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब प्रॉक्टोरियल बोर्ड की ओर से इस तरह का बर्ताव किया गया हो। उनका कहना है कि लगातार ऐसे मामले सामने आते हैं, लेकिन प्रबंधन उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। यही वजह है कि गुरुवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़कों पर उतरने का फैसला लिया।
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को शांत करने की कोशिश की और उनसे संवाद किया। हालांकि, देर शाम तक छात्र अपने रुख पर कायम रहे और उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
आखिरकार प्रशासन द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद देर रात छात्रों ने धरना खत्म किया। लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बीएचयू में सुरक्षा व्यवस्था और प्रॉक्टोरियल बोर्ड की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में विरोध और भी उग्र हो सकता है।