Sat, 10 Jan 2026 11:02:02 - By : Palak Yadav
गोवंश संरक्षण के पक्ष में देशभर में चर्चा बटोरने वाला ऐतिहासिक न्यायिक निर्णय देने वालीं Rizwana Bukhari शुक्रवार को काशी पहुंचीं। गुजरात के अमरेली की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में उन्होंने गोहत्या के अपराध में संलिप्त तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा है। काशी आगमन पर उन्होंने Swami Avimukteshwaranand Saraswati से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर धार्मिक और सामाजिक जगत के अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
न्यायाधीश रिजवाना बुखारी द्वारा दिए गए निर्णय में गाय को हिंदुओं के लिए पवित्र और भारतीय संस्कृति व आस्था का आधार बताया गया। गोरक्षा के प्रति उनकी स्पष्ट प्रतिबद्धता और तर्कपूर्ण दृष्टिकोण की देशभर में सराहना हो रही है। यह निर्णय न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि सामाजिक चेतना के स्तर पर भी एक सशक्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कानून और संवेदनशीलता साथ साथ चल सकते हैं।
काशी में Shri Vidya Math में न्यायाधीश रिजवाना का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए कहा कि जब कोई न्यायाधीश सत्य और धर्म की रक्षा के लिए साहसिक निर्णय लेता है तो वह राष्ट्र और संस्कृति दोनों के लिए प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे फैसले न्याय व्यवस्था में विश्वास को और मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर यह बात भी रेखांकित की गई कि न्यायाधीश रिजवाना का यह कदम अन्य न्यायाधीशों के लिए प्रेरणा बनेगा। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गोसेवा से जुड़े इस कार्य को पुण्यदायी बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उपस्थित लोगों ने इसे कानून के दायरे में रहते हुए सामाजिक मूल्यों की रक्षा का उदाहरण बताया।
उल्लेखनीय है कि बीते नवंबर में गोहत्या के एक मामले में न्यायाधीश रिजवाना बुखारी ने कासिम सत्तार और अकरम को गुजरात पशु संरक्षण संशोधन अधिनियम 2017 की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ 18 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। गुजरात में यह पहला मामला है जब किसी अदालत ने गोहत्या के अपराध में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस निर्णय ने राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में गोरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर नई बहस और उम्मीद को जन्म दिया है।