Sat, 10 Jan 2026 11:35:09 - By : Palak Yadav
पिछले कुछ दिनों की तुलना में शनिवार की सुबह पूर्वांचल के कई इलाकों में कोहरा अपेक्षाकृत जल्दी छंट गया। आसमान साफ होने से दिन के तापमान में हल्का सुधार देखने को मिला और धूप निकलने से लोगों को गलन से कुछ राहत भी मिली। दिन के समय तापमान लगभग स्थिर रहा, जिससे ठंड का असर पहले की अपेक्षा कम महसूस किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव मौसमी गतिविधियों के कारण है और इसे स्थायी सुधार नहीं माना जा रहा है।
हालांकि सुबह के समय पूरे पूर्वांचल में गलन का असर बना रहा। तापमान में गिरावट के साथ पछुआ हवाओं के तेज बहाव ने ठिठुरन बढ़ा दी। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का मुख्य प्रभाव पहाड़ी क्षेत्रों में दिखाई देगा, लेकिन इसके बाद मैदानी इलाकों में भी इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में एक बार फिर ठंडी और गलन भरी हवाएं सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार की शाम नया अलर्ट जारी किया है। इस अलर्ट के अनुसार मकर संक्रांति के दौरान 14 और 15 जनवरी को गलन भरी हवाओं का असर बढ़ सकता है। इसी को देखते हुए मकर संक्रांति के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मौसम में बदलाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिमी विक्षोभ मैदानी क्षेत्रों में सक्रिय होता है, तो हल्की बूंदाबांदी की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
बीते चौबीस घंटों के दौरान शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.3 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से लगभग 2.0 डिग्री कम था। अनुमान है कि शनिवार को भी मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह बना रह सकता है। सैटेलाइट चित्रों में पाकिस्तान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। यदि पछुआ हवाओं का दबाव बना रहा, तो मैदानी इलाकों में एक बार फिर गलन का प्रभाव बढ़ सकता है। Varanasi सहित पूरे पूर्वांचल में मौसम को लेकर सतर्कता की स्थिति बनी हुई है।